केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा की गई अभद्र टिप्पणियों की भी याद दिलाई। कहा - नए संसद भवन की भी की थी आलोचना।
जस्टिस बीआर गवई और बीवी नागरत्न की पीठ ने अपना यह निर्णय दिया और केस की दोषी नलिनी, संथन, मुरुगन, श्रीहरण, रॉबर्ट पयास और रविचंद्रन को जेल से रिहा किया।