कहने को तो यह वीडियो क्लिप महज़ 1 मिनट 5 सेकंड की है, लेकिन ऐसी क्रूरता बर्दाशत करने के लिए लिए पीड़ितों को एक लम्हा... सौ सदियों के बराबर लगा होगा। छटपटाहट के उस क्षण की पीड़ा को उनसे बेहतर और कोई नहीं समझ सकता, ऐसी बर्बरता जानवरों से भी बदतर व्यवहार है।
बताया जा रहा है कि सुली डिप्रेशन की भी शिकार थीं। उनकी लाश के पास से एक नोट भी मिला है। हालाँकि, फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि सुसाइड नोट में क्या लिखा हुआ है। पुलिस मौत के कारणों की जाँच कर रही है।
"इन बच्चों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। जीजी फाउंडेशन को बधाई! हम बलिदानी जवानों के 100 बच्चों की देखभाल करेंगे। उनके पिता ने देश के लिए अपना बलिदान दिया और अब हमारी बारी है।"
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से मिले तो भी मीम्स बने। जापान गए तो वहाँ एक अलग तरह का मीम वायरल हुआ। हॉन्गकॉन्ग की नेता से मिले सूअर वाला मीम। क्या सचमुच इससे तंग आकर कार्टून कैरेक्टर को ही बैन कर दिया चीन में?
यह सब बातें पटनायक के पल्ले नहीं पड़ने वाली है, क्योंकि बहुत सारे वामपंथी उदारवादी जोकर हैं, जो महिलाओं के साथ तब तक ही सही तरीके से बात कर सकते हैं, जब तक कि बात उनके मन मुताबिक हो, जैसे ही कोई महिला इनके विचार के विपरीत रूख अपनाती है तो वो उनके साथ बदतमीजी से पेश आने से जरा भी नहीं हिचकते।
पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद ने इससे जुड़े सवालों के जवाब में कहा कि अगर अल्लाह ने चाहा तो ज़रूर लॉस एंजेल्स भी जाएँगे। उन्होंने यात्रियों की शरारत करार देते हुए कहा कि ट्रेन की स्क्रीन से छेड़छाड़ के लिए बस अंदर जाकर 'टिक-टिक' करना होता है।
जब दर्शक बढ़ रहे हैं, उनका जन्म बिलकुल ही अलग समय में हुआ है, तब न्यूज वाले उनके दादा की जवानी के शो क्यों चला रहे हैं? याद कीजिए कि चौबीस घंटे का न्यूज टेलीविजन जब से आया है, आपने न्यूज डिबेट में क्या बदलाव देखे हैं? आपको याद नहीं आएगा।
सपा नेता फिरोज खान का ये वीडियो सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल हुआ, लोगों ने उनकी भावनाओं की कद्र न करते हुए उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। लोग उनके इस दुख को बेहद खराब एक्टिंग बताते हुए इसे नौटंकी तक कह डाला।
कम्पनी ने यूजर्स को आश्वस्त किया है कि जल्द ही इन खामियों को दूर कर लिया जाएगा। बता दें कि ट्वीटडेक का प्रयोग किसी ट्वीट को किसी निश्चित समय पर शेड्यूल करने के लिए किया जाता है। अधिकतर न्यूज़ पोर्टल्स भी समय-समय पर ट्वीट शेड्यूल कर लोगों तक ख़बरें पहुँचाते हैं।
बिहार के प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 19 टीमों को बचाव और निकासी अभियानों को चलाने के लिए पहले से ही तैनात किया जा चुका है। कल रात तक पटना के निचले इलाकों से 235 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।