प्रशांत भूषण ने शुक्रवार को कई ट्वीट करते हुए लिखा था कि सीबीआई प्रमुख नागेश्वर राव की नियुक्ति के मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया।
अदालत ने कहा कि ऐसे क्रूर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटा जा सकता है। ऐसी घटनाएँ जब तेजी से बढ़ रही हों, तो सख्ती दिखाना और जरूरी हो जाता है।
भावनाएँ आहत होना हमारा राष्ट्रीय उद्योग बन चुका है, और सुप्रीम कोर्ट का हर भावना को बचाने के लिए समय निकाल कर दही हाँडी की ऊँचाई से लेकर जलीकट्टू के सांड की सींग और होली के पानी तक के प्रयास का आम जनता जबरदस्ती सम्मान करती रही है।
केंद्र सरकार के ताज़ा कदम का विश्व हिन्दू परिषद व अन्य हिन्दू संगठनों ने स्वागत किया है। सुप्रीम कोर्ट में बार-बार राम मंदिर मसले की सुनवाई टलने से ये संगठन नाराज़ चल रहे थे।
आरोपित महिला ने प्रेमी के साथ मिल कर अपने पति की हत्या कर दी थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने उन दोनों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस सज़ा को रद्द कर दिया।