दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पाँच सदस्यों को आईपीसी की धारा 121ए के तहत अपराध के लिए दी गई सजा को बदलकर उम्रकैद से 10 साल के कठोर कारावास में बदल दिया।
पत्रकारों ने एजेंडे के तहत सवाल पूछे। एक ने दावा कर दिया कि निज्जर की हत्या में भारत ने संलिप्तता स्वीकार कर ली, तो दूसरे ने भारत को छूट दिए जाने का आरोप लगा दिया।