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पत्रकारों पर हमला और शेखर गुप्ता बॉलीवुड के साथ: कौन सी ‘जर्नलिज्म’ के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं एडिटर्स गिल्ड के चीफ?

अभिव्यक्ति की आजादी को तहस-नहस करने वाले बाहर निकल कर आ रहे हैं और बॉलीवुड की सराहना कर रहे हैं ताकि अपने प्रतिद्वंदियों की आवाज को दबाव सके।

‘दलित लड़कियों का रेप करना सवर्ण का अधिकार’: पाकिस्तान में छपा मीडिया गिरोह ThePrint के पत्रकार का लेख

'दि प्रिंट' के शिवम विज ने एक प्रोफेसर के हवाले से लिखा है कि क्या किसी ने कभी किसी दलित को ब्राह्मण लड़की का बलात्कार करते हुए सुना है?

हुई गवा? करवा ली बेइज्जती? ‘दी प्रिंट’ ने पहले थूका, फिर पकड़े जाने पर चाटा

'द प्रिंट' ने 'लव जिहाद' के बारे में 'एक अभियान चलाने' के लिए भी स्वाति गोयल को निशाना बनाया और कहा कि उन्होंने 'लव' में 'जिहाद' देखा।

उच्च कोटि का मादक पदार्थ लेते हैं The Print वाले, सुषमा स्वराज की तुलना सुब्रमण्यम स्वामी से करने पर कम से कम यही महसूस...

ऐसा लगता है कि The Print के लोग उच्चतम क्वालिटी का गाँजा ग्रहण करते हैं। शेखर गुप्ता के मीडिया के लेख इस बात के प्रमाण हैं।

एक लेख में 8 बार बु* शब्द का प्रयोग बताता है कि ‘दि प्रिंट’ का दिमाग कहाँ घुसा हुआ है

ऐसे लेखों का औचित्य क्या है? इससे किसका भला हो रहा है? क्या इसका औचित्य भोजपुरी बोलने वालों को नीचा दिखाना नहीं है।

शेखर गुप्ता ने आनंद रंगनाथन, संजीव सान्याल और संजय दीक्षित पर ब्लूम्सबरी को धमकाने का झूठा आरोप लगाया

शेखर गुप्ता ने आरोप लगाया कि ब्लूम्सबरी ने संजीव सान्याल, आनंद रंगनाथन और संजय दीक्षित जैसे लेखकों की धमकी के बाद दिल्ली दंगों पर किताब का प्रकाशन वापस लिया।

शेखर गुप्ता के ‘दी प्रिंट’ ने फैलाया झूठ, स्वास्थ्य मंत्रालय ने सही करते हुए कहा: सत्य से बहुत दूर है यह खबर

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शेखर गुप्ता की वेबसाइट 'दी प्रिंट' द्वारा प्रकाशित एक फर्जी, मनगढ़ंत रिपोर्ट को फेक और खुराफात से भरा हुआ बताते हुए कहा है कि यह रिपोर्ट सत्य से बहुत दूर है।

तबरेज हो या अखलाक, जैनब जैसों को दो पैसा फर्क नहीं पड़ता, सारा ज्ञान वामपंथी विचार के लिए है

ज़ैनब सिकंदर एक लाइन का कुछ लिखें या हजार शब्दों का कुछ लिखें, उसका एक ही मकसद है अपनी हिन्दूघृणा को साकार रूप देना और अपने 'मजहबी टार' को अपनी कल्पनाओं के साहित्य से सींचना।

झूठइ लेना, झूठइ देना: SC की सुनवाई के बाद शेखर गुप्ता के द प्रिंट ने श्रमिक ट्रेनों के किराए पर परोसा झूठ

द प्रिंट ने विपक्ष को फेक न्यूज फैलाने के गुर बताए थे। इस पर अमल करते हुए उसने श्रमिक ट्रेनों के किराए को लेकर मनगढ़ंत कहानी पेश की है।

‘मोदी की योजनाओं को पत्रकारों ने अनदेखा किया’: क्या शेखर गुप्ता के कबूलनामे वाला वीडियो CPR ने हटाया

शेखर गुप्ता ने जिस वीडियो में मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की अनदेखी की बात कही थी, उसे CPR India ने शायद हटा दिया है।

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