अमेरिकी सरकार ने भी इन एप्स को बैन करने के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंधमारी को कारण बताया है। कोरोना वायरस, चीन की चालबाजी, टैक्नोलॉजी पर बढ़ते तनाव और अमेरिकी निवेशकों के लिए वीडियो ऐप TikTok की बिक्री के बीच यह फैसला सामने आया है।
जुलाई के अंत से रिलायंस और टिकटॉक की पेरेंट कंपनी बाइटडांस डील को लेकर दोनों कंपनियाँ आपस में बातचीत कर रही हैं, हालाँकि, दोनों कंपनियाँ अभी किसी भी सौदे पर नहीं पहुँची हैं।
इसका इतना बड़ा फर्क पड़ा कि अपनी सेना का गुणगान करने वाले चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स को बयान जारी करना पड़ गया कि यह गंभीर चिंता का विषय है। इसके लिए........
सरकार ने कुछ दिनों पहले चीन की 59 एप्लीकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। विरोध की यह पहल सिर्फ इतने तक ख़त्म नहीं होती है, बहिष्कार की इस मुहिम से अब औद्योगिक घराने के लोग भी जुड़ चुके हैं।