जातिवादी टिप्पणी करते हुए दरोगा रमेश राम ने कहा कि वो ब्राह्मणों और ठाकुरों को सबक सिखाने के लिए ही पुलिस में भर्ती हुआ है। घायलों में सेना का जवान भी शामिल।
निर्देशों के मुताबिक, बकरीद पर मस्जिदों में सामूहिक नमाज पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा खुले स्थानों पर कुर्बानी देने और खुले में माँस ले जाने पर भी पाबंदी लगाई गई है।
इस मामले की विस्तृत जाँच के लिए अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी को 31 जुलाई तक अपनी जाँच पूरी करके सरकार को रिपोर्ट सौंपनी है।