कोरोना वायरस से 29 अप्रैल को संक्रमित पाए जाने के बाद ही आजम खान को लखनऊ शिफ्ट करने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने सड़क के रास्ते लखनऊ जाने से मना कर दिया था।
गिरफ्तार किए गए आरोपितों के पास से पास से 520 कफन, 127 कुर्ते, 140 कमीज, 34 धोती, 12 गर्म शॉल, 52 साड़ी, तीन रिबन के पैकेट, 1 टेप कटर और 158 ग्वालियर की कंपनी के स्टीकर बरामद हुए हैं।
सीएम आदित्यनाथ अचानक ही गाँव के दौरे पर निकल पड़े और होम आइसोलेशन में रह रहे Covid-19 संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उनके इस अप्रत्याशित निर्णय का अंदाजा उनके अधिकारियों को भी नहीं था।
यूपी नगर निगम अधिनियम-1959 की धारा-114 (20) और नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-7 (जी) के तहत नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत मृतकों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना नगरीय निकायों का मूल कर्तव्य है।
यूपी पुलिस के डायल 112 कंट्रोल रूम व्हाट्सएप पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए धमकी भरा मैसेज भेजा गया। कंट्रोल रूम पर मौजूद ऑपरेटर ने मैसेज मिलते ही अधिकारियों को सूचना दी।