“सांसद के साथ जेल में अच्छा व्यवहार किया जाता है। हम उन्हें जेल मैनुअल के हिसाब से ही सारी सुविधाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। वे बड़े व्यक्ति हैं। वह घर जैसी सुविधा सोचते होंगे तो वह सुविधा जेलों में उपलब्ध नहीं हो सकती।”
“एक बात नोट कर लें... ये ‘कयामत का दिन’ कभी नहीं आने वाला है। लोकतंत्र की आड़ में आगजनी करने की छूट सरकार नहीं देगी। तोड़फोड़ करने की छूट नहीं देगी और जिसने किया है उससे वसूली भी करेगी।”
इससे पहले योगी सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए करीब 498 लोगों की संपत्तियों को जब्त करने के लिए चिन्हित किया था। गौरतलब है कि बुलंदशहर के मुस्लिमों ने जिला मजिस्ट्रेट को 6 लाख रुपये का भुगतान किया था।
"ज्ञानवापी मस्जिद पहले भगवान शिव का मंदिर था जिसे मुगल आक्रमणकारियों ने ध्वस्त कर मस्जिद बना दिया था, इसलिए हम हिंदुओं को उनके धार्मिक आस्था एवं राग भोग, पूजा-पाठ, दर्शन, परिक्रमा, इतिहास, अधिकारों को संरक्षित करने हेतु अनुमति दी जाए।"
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, ये लोग जंगलों में बेसहारा घूम रहे गोवंशों को पकड़कर उन्हें नशीला इंजेक्शन लगाकर उन्हें काटते थे और उनके अवशेषों को जंगलो में फेंककर माँस को मेरठ में बेचते थे। इनकी पुलिस को पिछले काफी समय से तलाश थी।
GSI के निदेशक डॉ. जीएस तिवारी ने बताया कि सोनभद्र की खदान में 3000 टन सोना होने की बात GSI नहीं मानता है। हालाँकि तिवारी ने कहा कि सोनभद्र में सोने की तलाश अभी भी जारी है और वहाँ जीएसआई का सर्वे अभी चल रहा है।
वर्ष 2005-2006 के बीच यहाँ 116 कब्रें मिली थीं जबकि पिछले दो वर्षों में यहाँ 10 और कब्रें मिली हैं, जो कि 3,800 वर्ष पुरानी हैं। इसके साथ ही यह भारत के सबसे बड़े और चर्चित कब्रिस्तान की फेहरिस्त में आ जाता है
मौजूदा समय में भारत के पास लगभग 626 टन सोने का भंडार है, वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सोनभद्र जिले में मिला सोना इससे करीब 5 गुना ज्यादा है। राज्य के खानिज विभाग ने सोने की इस खान का पता लगाया है और जल्द ही इस सोने को निकालने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
"अगर कोई व्यक्ति किसी निर्दोष को मारने के लिए निकला है और वह पुलिस की चपेट में आता है, तो या तो पुलिसकर्मी मरे, या फिर वह मरे। किसी एक को तो मरना होगा, लेकिन एक भी मामले में पुलिस की गोली से कोई नहीं मरा है।"