65 वर्षीय मृतक तबलीगी जमात से जुड़ा था। कुछ दिन पहले दिल्ली में एक मजहबी आयोजन में शामिल हुआ था। इस आयोजन में अन्य देशों के लोग भी थे। श्रीनगर लौटने से पूर्व वह जम्मू के पास एक मदरसा में भी रुका था।
पुलिस को देखकर नमाज पढ़ रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई लोग छत से लटक कर कूद गए। पुलिस ने दोनों भाइयों दीन और आस मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए दोनों भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने रात में मीटिंग कर मजदूर हित में यह बड़ा फैसला लिया है। बस का इंतजाम नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़ समेत कई अन्य जिलों में किया गया, जहाँ से मजदूर अपने घरों को जा सकेंगे। मुख्यमंत्री के इस बड़े फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग अपने-अपने घर तक पहुँच सकेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेन्स में धार्मिक स्थलों पर भीड़ न लगाने के लिए जारी दिशा-निर्देश, कम्युनिटी किचन शुरू करना, फूड पैकेट्स का वितरण आदि सरकारी पहलों की विस्तार से जानकारी दी गई।
दूसरे राज्यों से निकलकर अपने घर, गाँव की ओर कूच करने वाले लोगों के लिए यूपी सीएम योगी ने आला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मानवीय आधार पर ऐसे व्यक्तियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की जाए और स्वास्थ्य संबंधी पूरी सावधानी बरतते हुए इन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए।
इस वीडियो में देखा जा रहा है कि सड़क पर घूम रहे एक गरीब, बेसहारा को पुलिसकर्मी अपनी जेब से 100 रुपए दे रहे हैं। बेसहारा आदमी पुलिसकर्मी के आगे हाथ फैलाते हुए देखा जा रहा है।
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में 12 राज्यों के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। उन राज्यों के नागरिक किसी भी परेशानी पर उन नोडल अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सकते हैं और उन राज्यों में फँसे लोग संबंधित नोडल अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इन लोगों के साथ एक आईपीएस अधिकारी को तैनात किया है जो 24 घंटे इन लोगों से जुड़े रहेंगे।
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अपने सभी मुतवल्लियों को निर्देश दिए है कि इस निर्देश की अवहेलना करने पर बोर्ड की ओर से संबंधित मुतवल्ली और मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज करा कर जेल भेजा जाएगा।
"अब से कुछ ही वक्त पहले मैं जिंदगी और मौत से लड़ रही थी। मेरे पति नोएडा में फँसे थे और मुझे लेबर पेन हो रहा था। हॉस्पिटल पहुँचाने वाला भी कोई नहीं था... खाकी में भगवान हैं आप लोग।"