AMU में विरोध प्रदर्शन के नाम पर एक बार फिर आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है। अलीगढ़ पुलिस ने इस मामले में करीब 60 छात्रों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। भड़काऊ नारेबाज़ी करने वालों से सख़्ती से निपटने की बात कही गई है।
सपा सांसद के रामपुर स्थित आवास पर पुलिस ने दबिश दी। नहीं मिलने पर कुर्की के नोटिस चिपका दिए। रिक्शे पर माइक रखकर बकायदा ऐलान किया गया कि आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला अदालत में हाजिर हों।
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। अखिलेश मारे गए मो. वकील अहमद के परिजनों से मिलने पहुँचे और संवेदना व्यक्त की।
आजमगढ़ की सीता से शाहनवाज की दोस्ती सोशल साइट के जरिए हुई। निकाह के बाद दोनों कानपुर आ गए। एक दिन ससुराल ले जाने के बहाने वह सीता को लेकर निकला और फिर झाड़ियों से दुल्हन के जोड़े में लाश मिली।
इससे पहले ऐसी ही अराजकता प्रियंका के लखनऊ दौरे के दौरान भी देखने को मिली थी। एक वीडियो में प्रियंका के साथ खड़े लोग महिला अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की करते नजर आए थे।
इससे पहले कि माहौल बिगड़ता घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ऋषिराज, सीओ यूएम मिश्रा पुलिस दल-बल के साथ घटना-स्थल पर पहुँचे। पुलिस के आते ही सभी उपद्रवियों ने अपने घरों और गलियों में घुसना शुरू कर दिया और ग़ायब हो गए।
ABP की पत्रकार शोभना यादव के जवाब में यूपी के डिप्टी सीएम मौर्य ने कहा कि दंगाइयों ने उत्तर प्रदेश की पुलिस पर जानलेवा हमले किए फिर भी पुलिस ने संयम बरतते हुए कार्रवाई की और स्थिति पर नियंत्रण रखने की कोशिश की। सरकार किसी भी तरह की हिंसा को स्वीकार नहीं करेगी।
रेणुका कुमार की अगुवाई वाली जॉंच समिति ने सौंपी रिपोर्ट। सोनभद्र और मिर्जापुर में फर्जी सहकारी समिति बनाकर 6,602 एकड़ जमीन पर कब्जा आया सामने। मौजूदा समय में इस जमीन की कीमत करीब 660 करोड़ रुपए आँकी गई है।
UGC के द्वारा भेजी गई जाँच कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में विश्वविद्यालय के लगातार गिरते हुए हालातों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर यही परिस्थितियाँ रही तो एक दिन यह बर्बाद हो जाएगा। वीसी हांगलू के चार वर्षों के कार्यकाल में विश्वविद्यालय NIRF की रैंकिंग में 200 के बाहर चला गया है।
“नफ़रत फैलाने वाली भीड़ के ख़िलाफ तत्काल अनुशासनात्मक और क़ानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस कार्यक्रम के आयोजकों और मास्टरमाइंड की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें तुरंत निष्कासित कर दिया जाना चाहिए।”