यतीमखाना में दंगा भड़काने के आरोप में सुन्नी उलमा काउन्सिल के महामंत्री हाजी सलीस समेत 14 लोगों को नामजद किया गया है। हाजी सलीस SIMI से भी जुड़ा रहा है। जाँच में सामने आया है कि उपद्रव करने वालों में तमाम लोग AIMIM से जुड़े हैं।
“भारी पथराव और फायरिंग के बीच मुझे हिंसक भीड़ को रोकना था। इसी दौरान एक गोली मेरे सीने की तरफ आई। बुलेटप्रूफ जैकेट तो इससे मुझे नहीं बचा पाई। लेकिन मेरा पर्स जिसमें मैंने भगवान शिव की तस्वीर रखी थी ने बचा लिया।”
सीएम ने हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से करने का ऐलान किया था। इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। मुजफ्फरनगर में प्रशासन ने 50 दुकानों को सील कर दिया है।
सोशल मीडिया पर भी यूपी पुलिस ने कड़ी निगरानी बनाई हुई है। 14,101 आपत्तिजनक पोस्टों से संबंधित लोगों पर कार्रवाई की गई है। 63 एफआईआर दर्ज कर 102 को गिरफ्तार किया गया है।
नमाज के बाद बवालियों का मन इतना बढ़ गया कि पुलिस की एक पूरी टीम (25 ट्रेनी सिपाही) को एक दुकान में बंधक बना लिया। दुकान का शटर बंद कर उसमें आग लगाने का प्रयास किया। जब सूचना पाकर पुलिस वहाँ पहुँची तो उनकी गाड़ी पर फायरिंग और पथराव कर उन्हें दौड़ा दिया। इसके बाद...
दंगाइयों के पथराव से सड़कें ईंट-पत्थरों से पट गई। हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, आँसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दौरान गलियों और छतों से भी पुलिस पर पथराव किया गया।
IIT कानपुर में हिंदू व देश विरोधी इस प्रदर्शन के दौरान जब एक छात्र रोते हुए कहता है - "ये नहीं चलेगा" तो वहाँ मौजूद दंगाईयों और इस्लामी कट्टरपंथियों ने उसे धक्के देकर बाहर कर दिया। 2 मिनट 20 सेकंड के इस वीडियो में स्पष्ट तौर पर...
दंगाईयों द्वारा सरकारी संपत्ति को नुकसान, पुलिस पर हुए जानलेवा हमलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में अब अधिक सतर्कता बरती जा रही है। राज्य के 42 जिलों में सुरक्षा लिहाज से इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गईं हैं और पूरे प्रदेश में 31 जनवरी तक धारा 144 लागू हो चुकी है।
रेप पीड़िता के वकील ने बताया कि पीड़िता का घर पूरी तरह से टूट चुका है। उन्होंने कहा कि कुलदीप सेंगर ने अपने अपराध को छिपाने के लिए पीड़िता पर न सिर्फ़ केस वापस लेने का दबाव बनाया बल्कि एक विधायक के तौर पर डराया-धमकाया भी।