इससे पहले 4 एफआईआर ठाकुरगंज पुलिस थाने में दर्ज किए गए थे। इन उपद्रवियों पर दंगा करने, प्रशासन की अवज्ञा करने, अवैध रूप से जुटान करने, स्थानीय लोगों के कामकाज में व्यवधान पैदा करने और ऑन-ड्यूटी अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।
"सीएए पर बहस आदि तो ठीक है लेकिन कोर्ट में इस पर सुनवाई जारी रहने के बावजूद लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा इस अतिविवादित व विभाजनकारी नागरिकता कानून को पाठ्यक्रम में शामिल करना पूरी तरह से गलत और अनुचित है। बीएसपी इसका सख्त विरोध करती है और यूपी में सत्ता में आने पर इसे अवश्य वापस ले लेगी।"
इरेना ने दावा किया कि हेल्थज़ोन के लगभग 50 प्रतिशत ग्राहक मुस्लिम हैं। हालॉंकि इरेना के ट्वीट के बाद कई लोगों ने साहनी के साथ एकजुटता दिखाई और लोगों से इसकी सदस्यता के लिए साइन अप करने की अपील की।
इससे पहले, 15 नवंबर 2019 को नाका के खुर्शीदाबाद स्थित पार्टी दफ़्तर पर उर्दू में लिखा धमकीभरा पत्र उन्हें पहले भी मिल चुका है। इस पत्र में पार्टी के महासचिव समेत अन्य हस्तियों को भी कमलेश तिवारी की तरह मार देने की धमकी दी गई थी।
आरोपित मुस्लिम युवक द्वारा लड़की के अपहरण से गुस्साए संगठनों ने आरोपित के ख़िलाफ़ जमकर प्रदर्शन किया। इस घटना के विरोध में पूरे दिन बाजार बंद रहा। दो समुदायों से मामला जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल आरोपित के ख़िलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि देखना है तो मुस्लिमों का सब्र देखो। अग़र बर्बाद करने पर आए तो किसी देश को छोड़ेंगे नहीं। इतना गुस्सा है। वहीं जवाब में एक यूजर ने लिखा कि यह 1947 का हिंदुस्तान नहीं है कुचल कर रख देंगे।
लड़के ने अपना नाम हिंदू जैसा रखा। फेसबुक पर उसी फर्जी नाम से दोस्ती की। लड़की हिंदू है, ग्रैजुएशन की छात्रा है। फिर शादी का झाँसा देकर एक दिन मुरादाबाद बुलाया। एक होटल में ले गया और बलात्कार किया, अश्लील वीडियो भी बनाया।
बेनिया बाग़ में उपद्रवियों ने गिरफ़्तार किए गए अराजक तत्वों को छुड़ाने के लिए पुलिस की नाक में दम कर दिया। पुलिस का प्रयास था कि स्थानीय लोगों को इस झड़प के कारण दिक्कत न पहुँचे। अंततः दर्जनों उपद्रवियों को पुलिस से छुड़ाने में अराजक तत्व कामयाब हुए।
‘गंगो जमन के खिलाफ आरएसएस और भाजपा के लोग’ और ‘हम कॉन्ग्रेस के लोग: दुष्प्रचार और सच' नामक दो किताबें कॉन्ग्रेस नेताओं को दी गई है। पहली किताब में बताया गया है कि तिरंगे का विरोध करने वाला RSS हिन्दू-मुस्लिम एकता के ख़िलाफ़ काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ये लोग इतने निकम्मे हो गए हैं कि ख़ुद घर में रजाई में सो रहे हैं और महिलाओं को सड़क पर बैठने के लिए छोड़ दे रहे हैं। उन्होंने ये बात कानपुर में सीएए के समर्थन में आयोजित एक रैली में कही।