कमलेश के 2015 में दिए एक बयान के चलते कई इस्लामिक संगठन उन्हें टारगेट कर रहे थे। माना भी यही जा रहा है कि कमलेश की हत्याके पीछे पैगम्बर पर उनके बयान से भड़के उन तमाम कट्टरपंथियों का हाथ है जो खुले-आम तिवारी का सर कलम करने की बात कर रहे थे।
आरोपितों और तिवारी के बीच किसी मुस्लिम लड़की की हिन्दू लड़के से शादी की कोई बात चल रही थी। इसके बाद उन गुंडों ने नौकर सतेंद्र को 100 रुपए का नोट दिया और गोल्ड फ्लैक्स पाँच सिगरेट लाने को कहा। वो पैसे लेकर बगल की दुकान से सिगरेट लेने चला गया, शायद वो लोग मौक़ा ढूँढ़ रहे थे।
एडीजी ने बताया, "यह जोड़ी दूसरे देशों से अपने बैंक खातों में पैसा ट्रान्सफर करती थी और बाद में इसे वापस ले लेती थी। फ़हीम इस पैसे को आतंकी गतिविधियों के लिए दिल्ली ले गया था।"
हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी को पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने के एक मामले में रासुका के तहत गिरफ़्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद साल 2017 में उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले हिन्दू समाज पार्टी का गठन किया था।
बहुजन की 'सेवा' करने वाली पार्टी (BSP) के नेता हैं मुख्तार अंसारी। इनके बेटे हैं अब्बास अंसारी। इनके घर से इटली, ऑस्ट्रिया और स्लोवेनिया मेड रिवॉल्वर, बंदूकें और हजारों कारतूस मिले हैं। इन बंदूकों से बहुजन की 'सेवा' कैसे की जाती है, यह शायद अब्बास अंसारी ही बता पाएँ!
"सत्तर सालों से अयोध्या विवाद की वजह से बस राजनीति हो रही है और मुझे उम्मीद है कि अब शहर में कुछ विकास होगा"। आज उनके बेटे इकबाल अंसारी ने कहा कि वह अपने पिता के सपने को साकार करने के लिए वचनबद्ध हैं।
"हज हाउस का नामकरण महापुरुषों के नाम पर होना चाहिए, जो पूरे देश में आदर्श हों। इन महापुरुषों के ज़रिए आम लोगों और युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है, उनसे प्रेरित होकर लोगों के मन में कुछ कर गुज़रने का जज़्बा पैदा होगा।"
अयोध्या मामले में फ़ैसले की घड़ी समीप आने के साथ ही यूपी सरकार भी एक्शन के मोड में आ गई है। अधिकारियों को अपने मुख्यालय में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
पीड़ित पक्ष की ओर से आरोपित पति समेत पाँच के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया गया है। अभी किसी के गिरफ्तारी की सूचना नहीं हैं। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है।