खलील ने मारवी से पूछा; "Who the hell are you? अपना जिस्म देखो जाकर।" न्यूज़ एंकर लगातार खलील को ये सब बोलने से मना करती रही लेकिन वो नहीं रुके। खलील ने मारवी से कहा कि 'इस बेहया औरत' की जिस्म पर कोई थूकता तक नहीं है।
पीड़िता के ससुर ने उसे खेत में सिंचाई के लिए साथ चलने के लिए कहा। इस पर वह अपने ससुर के साथ खेत पर सिंचाई करने चली गई। लेकिन वहाँ उसके ससुर ने उसके मुँह में कपड़ा ठूँसकर उससे बलात्कार किया।
दिल्ली साकेत कोर्ट ने इस मामले के 'किंगपिन' और दोषी करार दिए गए ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह प्रकरण मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) की रिपोर्ट के बाद सामने आया था।
"जन लोकपाल, न स्वराज, केवल अहंकार का राज. केजरीवाल जी, कहाँ है आप का स्वराज विधेयक?’ उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने स्वराज की केवल बातें की, जिसमें मोहल्ला सभा एवं दिल्ली डायलॉग की बात की। आज तक एक भी सभा नहीं हुई।"
ऐश्वर्या के पिता के हवाले से कहा गया था कि सामान भेजने की उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। उन्होंने शक़ जताया था कि लालू का परिवार अवैध तरीक़े से शराब या विस्फोटक भी भेज सकता था। इसलिए उन्होंने उस पैकेज को लेने से साफ़ इनकार कर दिया।
30 सितंबर को पीड़िता के घर पर मारपीट करने के मामले में उसने एसपी को प्रार्थना-पत्र दिया था। आरोपितों ने हाईकोर्ट से अग्रिम ज़मामत ले रखी थी, इसलिए उनकी गिरफ़्तारी नहीं की गई। इस मामले में मुक़दमा दर्ज करने के साथ पुलिस विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
''उन्होंने मेरा मोबाइल फोन भी छीन लिया था क्योंकि मैंने उनके दुर्व्यवहार का वीडियो बना लिया था। ऐसा उन्होंने इसलिए किया जिससे वो सबूतों को मिटा सकें। इससे पहले सितंबर महीने में भारी बारिश के दौरान भी मुझे घर से निकाल दिया था पर अदालत के हस्तक्षेप के बाद वे अपने घर में वापस लौट पाई थीं।''
सीएम अशोक गहलोत के गृह जिले में बच्चियों के साथ हो रहा था अमानवीय व्यवहार। अनजान आदमियों से मिलने के लिए किया जाता था मजबूर। भूखा रखती थी असमां, नहीं देती थी सेनेट्री पैड।
आफाक़ ख़ान के ख़िलाफ़ IPC की धारा-342 (ग़लत तरीके से कारावास), 376 (बलात्कार), 500 (मानहानि की सज़ा) और 508 (जो किसी व्यक्ति को ऐसा कार्य करने के लिए कहता है जिसके लिए वो व्यक्ति क़ानूनी रूप से बाध्य नहीं है) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एक सूटकेस में किसी मर्द का पैर, हाथ और प्राइवेट पार्ट। उसके बाद एक स्वेटर। स्वेटर पर सिलने वाले टेलर का नाम... यही क्लू मुंबई पुलिस को बेटी द्वारा बाप के मर्डर की कहानी तक ले जाती है।