ऐसा करने में विफल रहने पर क्या कार्रवाई की जाएगी यह नहीं बताया गया है। दिल्ली को एनएफएसए के तहत लाभार्थियों को बाँटने के लिए हर महीने 36,000 टन चावल और गेहूँ मिलता है।
वीडियो शेयर करते हुए जिंदल ने दावा किया कि जब लोग महामारी के बीच स्वास्थ सुविधाओं से जूझ रहे थे, उस वक्त मुख्यमंत्री अपने बंगले का मेकओवर कराने में करोड़ों खर्च कर रहे थे।