दिल्ली मेट्रो के पहले प्रबंध निदेशक और ‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर ई श्रीधरन ने मेट्रो में महिलाओं को मुफ़्त यात्रा की सुविधा देने की आम आदमी पार्टी सरकार की पहल को मेट्रो के लिए नुकसानदायक बताया था। उन्होंने सुझाव दिया कि छूट की राशि सीधे महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की जाए।
केजरीवाल इससे पहले भी कई हवाई योजनाओं की चर्चा कर चुके हैं। जिन पर अभी तक ग्राउंड वर्क की प्रोग्रेस शून्य है। बाद में किसी न किसी वजह से वह योजना फाइलों में फँस जाती है। ऐसे समय में कई विशेषज्ञों का कहना है कि केजरीवाल सरकार जानबूझकर ऐसे काम करती है कि फाइल नियम विरुद्ध हो या इसके लिए आवश्यक तैयारी के अभाव के कारण फाइल उप राज्यपाल के यहाँ फँस जाए, जिससे AAP की पूरी मशीनरी को एक बार फिर से 'कि हम तो दिल्ली की महिलाओं को मुफ्त योजना देना चाहते थे लेकिन मोदी फाइल ही आगे नहीं बढ़ने दे रहें' पर आकर रुक जाती है।
टाटा पॉवर-DDL ने जोर देते हुए कहा है कि वो 68 लाख रुपए हर महीने इन स्ट्रीटलाइट्स के रख-रखाव में ही खर्च करते हैं, लेकिन दिल्ली स्थित आम आदमी सरकार की एजेंसियों ने अभी तक उनके रुपयों का भुगतान नहीं किया है।
संजय सिंह ने ट्वीट किया कि एक पत्रकार मित्र ने उन्हें सूचित किया है कि एम्स में डॉक्टर नकली पट्टियों के साथ विरोध कर रहे हैं, और कहा कि यह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से दूर रहना चाहिए क्योंकि इस तरह की फ़ोटो से यह भ्रम फैलने का डर है कि पूरे देश में डॉक्टर्स को पीटा जा रहा है।
श्रीधरन को लिखी चिट्ठी में सिसोदिया ने उन्हें मनाने की भी कोशिश की है और लिखा, “हमारा मक़सद दिल्ली मेट्रो की कार्यप्रणाली में दखल देना नहीं है बल्कि हमने दिल्ली मेट्रो के सभी प्रोजेक्ट के साथ-साथ उसे बढ़ाने में तत्परता दिखाई है जिसे वर्षों तक लटका कर रखा गया।”
DMRC ने क़ानूनी सलाहकार से भी चर्चा की और यह जानने का प्रयास किया कि क्या इस तरह की वित्तीय सब्सिडी या अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिल्ली मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम, 2002 के तहत यात्रियों के एक विशेष वर्ग को दी जा सकती है?
DMRC ने केजरीवाल सरकार के सामने दो प्रस्ताव रखे हैं। पहले प्रस्ताव में योजना को लंबे समय के लिए लागू करने के लिए तकरीबन 12 महीने से अधिक समय लगने की बात कही है। वहीं, दूसरे प्रस्ताव में अस्थायी रूप से लागू करने के लिए गुलाबी टोकन व्यवस्था के जरिए 8 महीने का समय माँगा है।
आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र यादव पर दिल्ली पुलिस ने प्लॉट कब्जा करवाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। 62 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत पर विधायक महेंद्र यादव के अलावा 2 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ भी शिकायत दर्ज हुई है, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है।
अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को ठुकरा दिया कि महज पुलिसवालों की गवाहियों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। एसीएमएम विशाल ने कहा कि कानून में ऐसी कोई प्रीपोजिशन नहीं है कि निष्पक्ष गवाहों से मेल खाने के बावजूद पुलिसवालों की गवाहियों को मंजूर न किया जाए।
अलका लाम्बा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल पार्टी को बाँट रहे हैं, और कार्यकर्ताओं को पार्टी या विधायक (लाम्बा) में से किसी एक को चुन लेने के लिए कह रहे हैं।