अलका लांबा ने दावा किया है कि केजरीवाल उनसे बदला लेने के लिए उन्हें उनके निर्वाचन क्षेत्र में सीसीटीवी लगाने से रोक रहे हैं। लेकिन वे अपने लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार से लड़ने से नहीं डरती हैं।
बात लिखती हैं दिल्ली के ओखला स्थित भारत के सबसे बड़े सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की और फोटो लगाती हैं कैलिफोर्निया की! फिर तुलना करती हैं गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से! यह किस तरह का प्रोपेगेंडा फैला रहीं हैं मेम साब?
बीते कई सालों से चीन पर आरोप लगते रहे हैं कि वह अपने उत्पादों विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के जरिए अन्य देशों के डाटा को एक्सेस करता है। हाल ही में यूएस एयरफोर्स ने हिकविजन के साथ करार को रद्द कर दिया था। अमेरिकी सरकार ने इस फर्म को एंटिटी लिस्ट में डाला हुआ है। जिसका मतलब यह है कि कोई भी यूएस फर्म हिकविजन को अपना उत्पाद नहीं बेच सकती। अमेरिका ने सुरक्षा के मद्देनजर ये फैसला लिया है।
सूत्रों के मुताबिक विवाद की शुरुआत पार्किंग को लेकर झगड़े से हुई। बहस गरम होने पर कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। रात में इस्लामी भीड़ ने मंदिर में घुसकर तोड़-फोड़ की और स्थानीय हिंदुओं को पीटा।
"यह रोमांचक है कि बीजेपी और इससे संबंधित संस्थाएँ अब शिक्षा व्यवस्था के बारे में सोचना शुरू कर रही हैं। हालाँकि मुझे आश्चर्य हो रहा है कि जिसे थिंंक टैंक कहा जाता है, उसे यह मालूम नहीं है कि दिल्ली सरकार में भर्तियों की जिम्मेदारी BJP के एलजी की है।"
दिल्ली के सदर इलाके से आम आदमी पार्टी के विधायक सोमदत्त को दिल्ली की रोज़ एवेन्यू की विशेष एमपी/ एमएलए अदालत ने 2015 के एक मामले में 6 महीने की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर ₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया है।
झारखंड मामले में तबरेज़ की पत्नी के लिए सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद के ऐलान के बाद तो आम आदमी पार्टी के पूर्व सदस्य कपिल मिश्रा ने भी अंकित और ध्रुव त्यागी के परिवार आवाज़ बुलंद की और मीडिया की सुर्खियों में भी अंकित और ध्रुव त्यागी को लेकर सवाल पूछे जाने लगे।
अंकित के पिता यशपाल सक्सेना ने हाल ही में वादा न पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार के प्रति अपनी गहरी नाराज़गी जताई थी। उन्होंने बताया था कि किस तरह दिल्ली सरकार ने उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा न देकर नाउम्मीद किया।
एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने 11 जून को मनोज कुमार को आईपीसी की धारा 186 और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 131 के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने पुलिसवालों की गवाहियों को विश्वसनीय मानते हुए ये फैसला सुनाया था और बहस के लिए 25 जून की तारीख मुकर्रर की गई थी।
यदि AAP के बागी विधायक कपिल मिश्रा की मानें तो अरविन्द केजरीवाल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को मीटिंग के बहाने बुलाकर आगामी विधानसभा चुनाव में AAP को ही वोट दिलवाने की कसम खिलाने वाले थे। लेकिन अब केजरीवाल ने यह प्लान रद्द कर दिया है।