मुस्लिमों में शिया और सुन्नी, दोनों के ही तौर-तरीके अलग हैं। सुन्नी मुस्लिमों में तीन प्रमुख पंथ होते है- बरेलवी, देवबंदी और अहले हदीस। अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ ज़मीन दिए जाने के बाद भी इस पर बहस शुरू हो गई है कि ये मस्जिद किस पंथ का होगा, शिया या सुन्नी?
मजिस्ट्रेट के आदेश के बावजूद वहाँ बुधवार को मस्जिद के निर्माण का काम फिर से शुरू हो गया। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना जब पुलिस को दी तो हयात नगर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस अफ़सर (SHO) रवीन्द्र कुमार मौक़े पर पहुँचे और परिसर में ताला लगा दिया गया।
डॉ अशफाक पूर्व आर्मी मेजर है। वो विस्फोटक को मस्जिद तक पहुँचाने में प्रमुख भूमिका निभाया था। अशफाक इस विस्फोट मामले के मुख्य आरोपित हाजी कुतुबुद्दीन का पोता है, और मस्जिद में अक्सर नमाज अदा करता था।
ये पहली बार नहीं है जब IAS प्रशांत कुमार विवादों में आए हों। इससे पहले भी उन पर कोर्ट की अवमानना करने का आरोप लगा था। इसके अलावा इसी साल जनवरी में गलत जानकारी देने के आरोप में उन पर गैर-जमानती वारंट भी जारी हो चुका है।
शुरुआत में दावा किया गया था कि धमाका मस्जिद में रखे एक इन्वर्टर बैट्री के फटने से हुआ। पुलिस ने धमाके की साइट से फोरेंसिक सैम्पलों को जब जाँच के लिए भेजा तो साफ हो गया कि धमाका मस्जिद में रखे विस्फोटकों से हुआ था।
एसएचओ शशि कुमार पांडेय ने छानबीन के बाद बताया कि उसके हाथ-पैर एक साफी से पीछे की तरफ बँधे थे और दोनों आँखें फूटी हुई थीं। इसके अलावा गर्दन और जिस्म के अन्य हिस्सों में भी चोट के निशान थे।
राम मंदिर के हक में फैसला आने के बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ जोन में मुस्लिम बहुल इलाकों में शांति भंग करने की कोशिश के आरोप में आईपीसी की धारा 151 के तहत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जज संदीप जैन ने बताया कि वे अपने कार्यालय में बैठ कर कुछ जरूरी आदेश आशुलिपिक से लिखवा रहे थे। तभी 40- 50 वकील कार्यालय में घुस आए और अभद्रता करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए।
एक पूर्व मंत्री समेत 10 पूर्व विधायकों को भी ज़िला छोड़ने का नोटिस दिया गया है। यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि वो फ़ैसले वाले दिन जिले में दिखाई दिए तो उनकी तुरंत गिरफ़्तारी होगी।
महिला डर कर उनके साथ सूरजपुर के अदालती परिसर गई तो वहाँ उससे उन कागजों पर जबरन साइन कराया गया जिसमें लिखा था कि वह स्वेच्छा से ₹50000 के बदले इस संबंध से अलग हो रही है। इस दौरान आरोपित शौहर महबूब के साथ उसके दो भाई भी थे।