पैंडोरा पेपर्स से एक बार फिर यह प्रश्न उठता है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काले धन के पैदा होने और इस्तेमाल को रोकने के प्रति गंभीर दिखने वाले देश क्या सचमुच गंभीर हैं?
साल 2016 में पीएम मोदी के नेतृत्व में की गई नोटबंदी के बाद से डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिला है। अक्टूबर 2020 के दौरान देश में 207.16 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए।
"इंदिरा गाँधी भी इन मामलों में अपने पिता जैसी थीं। जैसे ही कोई इंदिरा गाँधी से असहमत होता या उनके सामने तर्क रखने का प्रयास करता वह मेज पर रखे लिफ़ाफ़े और कागज़ उठाने लगतीं। जिससे ऐसा लगे कि उनके पास करने के लिए और भी ज़रूरी काम हैं।"
करीब 14 हजार रुपए की मासिक आमदनी से आप पूरी जिंदगी में कितना बचा पाएँगे? रेणु थरानी ने तो इसी कमाई से करीब 2 अरब रुपए स्विस बैंक अकाउंट में जमा भी कर लिए।
'लुक आउट नोटिस' को नज़रअंदाज़ कर लंदन भागने की कोशिश करने वाली रौशनी ने ईडी और सीबीआई का शक और गहरा कर दिया कि दाल में ज़रूर कुछ काला है। रौशनी को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोका गया। 'यस बैंक' से लोन दिलाने के एवज में भारी रक़म वसूली जाती थी।
स्विट्जरलैंड सरकार ने 2015 में निष्क्रिय खातों के ब्योरे को सार्वजनिक करना शुरू किया था। इसके तहत इन खातों के दावेदारों को जमा धन हासिल करने के लिए आवश्यक प्रमाण उपलब्ध कराने थे।
इसी साल जून में वित्त मामलों की स्थायी समिति की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि 1980 से लेकर साल 2010 के बीच भारतीयों ने 246.48 अरब डॉलर से लेकर 490 अरब डॉलर के बीच काला धन देश के बाहर भेजा था।