ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जी-20 के बीच लिंक-अप को बढ़ावा देते हुए कोरोना के खतरे से निपटने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने कहा कि ये काफ़ी सराहनीय है।
दुबई से आए बुजुर्ग मोहम्मद हुसैन की कोरोना ने जान ले ली। मक्का-मदीना से लौटे एक ही परिवार के 14 सदस्य आइसोलेशन में हैं। लेकिन, उसी कर्नाटक में चार मुस्लिम युवकों ने इस्लाम का हवाला दे जॉंच से इनकार कर दिया और स्वास्थ्य अधिकारियों को वापस जाने के लिए धमकाया।
आतंकी संगठन ISIS ने लड़ाकों से कहा है, "जिहादी लड़ाके याद रखें, महामारी अपने आप नहीं आती, अल्लाह के फरमान से आती हैं। अल्लाह में भरोसा रखना है और उसी से इस बीमारी से लड़ने की दुआ माँगनी है।" साथ ही खतरा टलने तक घर से ही काम करने की सलाह दी है।
कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित मुल्कों में से एक ईरान से लाए गए लोगों में से 103 तो मजहबी यात्रा गए थे। लेकिन, निकालते वक्त सरकार ने उनसे मजहब नहीं पूछा, क्योंकि वे भारतीय थे।
"मैं सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों से पूरी तरह से संतुष्ट हूँ। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन हो रहा है, जो इस जानलेवा वायरस से लड़ने के लिए बेहद जरूरी है।"
सार्क में भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और अफगानिस्तान शामिल हैं। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने विडियो कॉन्फ्रेंस का प्रस्ताव दिया था। इसको लेकर सार्क देशों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई थी।
केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण से मौत होने पर ऐसा कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। सरकार अब इन रुपयों का इस्तेमाल क्वारंटाइन (इलाज), सैम्पल कलेक्शन और स्क्रीनिंग के लिए करेगी। अब एसडीआरएफ फंड का ही इस्तेमाल कोरोना से संक्रमित लोगों के लिहाज के लिए ज़रूरी उपकरण व सामान ख़रीदने हेतु भी किए जाएँगे।
"पाकिस्तान में विश्वविद्यालय के छात्र 'कोरोना वायरस जिंदाबाद' का जाप कर रहे हैं, क्योंकि कोरोना आउटब्रेक के कारण उनकी परीक्षा स्थगित हो गई हैं। इससे उन्हें तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल रहा है।"
कोरोना के संक्रमण में तेजी से बढ़त को देखते हुए देश के कई राज्यों में स्कूलों को बंद करने का ऐलान कर दिया गया है। इस क्रम में राजधानी दिल्ली, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मणिपुर ने...
भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम अन्य विकसित देशों की तुलना में कहीं बेहतर नजर आ रहे हैं। हालाँकि कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ऐसा नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन वो इसे लेकर भारत सरकार का विरोध करना चाहते हैं।