मंत्रालय ने दावा किया है कि घाटी में इस साल 102 आतंकवादी मारे गए हैं। जबकि 286 आतंकी अभी भी सक्रिय हैं। गौरतलब है कि पदभार संभालने के बाद अमित शाह ने तुरंत जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक से मुलाकात की। इस मुलाकात में शाह ने राज्य में सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी।
एनआईए ने कोर्ट के सामने कहा था कि कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी के मामलों में तीनों से पूछताछ जरूरी है। इसके बाद कोर्ट ने पत्थरबाजी के मामले में तीनों की गिरफ्तारी की इजाजत दे दी।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मारे गए आतंकी बुरहान वानी को 'साहब' कह कर संबोधित किया है। आतंकी को इज्ज़त देने के लिए उमर अब्दुल्ला की ख़ासी आलोचना हो रही है। अब्दुल्ला ने एक ब्रिटिश मीडिया एजेंसी से बात करते हुए...
पिछले साल घाटी में आतंकरोधी अभियानों की शुरुआत न होने के कारण, रमज़ान महीने के दौरान केवल 11 आतंकवादी मारे गए थे और वह भी कुपवाड़ा और हंदवाड़ा ज़िलों में।
मेनस्ट्रीम मीडिया और कुछ तथाकथित-धर्मनिरपेक्ष-उदारवादी मारे गए आतंकियों की मौत का शोक मनाने में कभी विफल नहीं होते। वो अक्सर कुख़्यात आतंकियों के अपराधों पर पर्दा डालने पर उतारू हो जाते हैं। मेनस्ट्रीम मीडिया ऐसे आतंकियों को ‘नायक’ या ‘शहीद’ का दर्जा...
जाकिर मूसा कुत्ते की मौत मरने से पहले एनकाउंटर वाले दिन अपनी दूसरी प्रेमिका से मिलने आया था और यही बात उसकी पहली प्रेमिका को पसंद नहीं आई। इसी वजह से भूतपूर्व प्रेमिका ने जज्बाती होकर सुरक्षाबलों से मुखबिरी कर दी और मूसा कुत्ते की मौत मारा गया।
इसी बीच जम्मू-कश्मीर के पुलवामा और शोपियाँ से खबरें आ रही हैं कि गुरुवार (मई 16, 2019) को शुरू हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 6 आतंकियों को ढेर कर दिया है। इस दौरान एक जवान वीरगति को प्राप्त हो गया जबकि दो अन्य के जख्मी होने की खबर हैं।
संजय निरुपम ने कहा कि ऐसा लग रहा है सत्यपाल मलिक, पीएम मोदी की चापालूसी कर रहे हैं, चमचागिरी कर रहे हैं, ताकि उनकी कुर्सी बची रहे। राज्यपालों को अपनी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।