"दरियागंज दिल्ली गेट पर इसी 'पिंजरा तोड़' के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पुलिस के साथ झड़प की लेकिन इनमें से किसी एक को भी गिरफ़्तार नहीं किया गया। वो सभी हिंसक हरकतें कर के भाग खड़े हुए। फँसा कौन? स्थानीय लोग। करनी उनकी और भुगतना हमें पड़ रहा है।"
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिर्फ़ अगस्त से लेकर जनवरी तक में आप सरकार ने प्रचार-प्रसार पर 43 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें से 29 करोड़ रुपए तो केवल बीते दिसंबर और जनवरी में खर्च किए गए।
करीब 2 सालों से अवैध रूप से टैक्स वसूल कर रही थीं ये कंपनियाँ। इन कंपनियों ने 1500 करोड़ रुपए की बिक्री करने के नाम पर 150 करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स वसूल किया है। इनमें से दो कंपनियाँ श्रीनगर की थीं, जो केवल कागजों पर थीं और उन्होंने...
जस्टिस मुरलीधर के तबादले का आदेश 26 फरवरी को जारी किया गया था। इसको दिल्ली दंगों से जोड़ लिबरल गैंग ने प्रोपेगेंडा फैलाया था। अब खुद जस्टिस मुरलीधर ने बताया है कि दिल्ली दंगों से काफी पहले ही उन्होंने तबादले को लेकर सहमति दे दी थी।
"चाँदबाग चौराहे के पास ही दुर्गा फकीरी मंदिर है। पेट्रोल पंप फूँकने के बाद दंगाई तेजी से चारो तरफ आग लगा रहे थे। शाम का समय था। दहशत और शोर बढ़ता जा रहा था। जैसे ही भारी संख्या में दंगाइयों की नजर मंदिर की तरफ पड़ी तो सबसे पहले मंदिर बचाने के लिए मंदिर के पुजारी प्रार्थना करने लगे। दंगाइयों ने मंदिर पर पत्थरबाजी शुरू कर दी थी।"
शाहरुख ने जिस पिस्टल से जाफराबाद में फायरिंग की थी वह मुंगेर से मँगाई थी। उसका ननिहाल बरेली में है। वहॉं के ड्रग तस्करों से उसके अब्बा और उसकी अम्मी इन्नो के अच्छे ताल्लुकात हैं। इसी वजह से वह छिपने के लिए बरेली चला गया था।
दंगाइयों ने उनसे पूछा, बता...ये पेट्रोल तुझपर छिड़कें या फिर गाड़ियों पर। दंगाइयों की बात सुनकर वर्कशॉप के मालिक ने उनके आगे बड़ी मिन्नतें की और अपनी जान को किसी तरह उनसे छुड़वाया। मगर, अपनी दुकान और वहाँ रखे सामान को वह उनसे न बचा सके। उनके सामने उपद्रवियों ने सर्विसिंग के लिए आई 15 गाड़ियो पर पेट्रोल डाला और सबको आग के हवाले कर दिया।
चाँद बाग़ में फूँक दी गई अमन ई-रिक्शा कम्पनी, आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन की बिल्डिंग के ठीक 3-4 मकान बाद मौजूद थी। हिन्दुओं की इस दुकान, अमन रिक्शा कम्पनी को पहले ताहिर हुसैन के लोगों ने लूटा और फिर उसमें आग लगा दी।
ये हरा-हरा सा एक फिल्टर
जो तुमने चढ़ा कर रक्खा है
उससे भगवा छँट जाता है
हिन्दू गायब हो जाता है
दिखता है बस इमरान-जुबैर
अंकित-दीपक छुप जाता है
ओ वामपंथ के रखवाले
ओ लम्पट लिबरल तुम साले!
दिल्ली दंगो की व्यथा सुनाती इस कविता को पढ़ें, सुनें औरों तक पहुँचाएँ। आप इसे अपनी आवाज में रिकॉर्ड कर आगे बढ़ाएँ।
दिनेश की हत्या तब की गई, जब वो अपने बच्चों के लिए दूध लेने निकले थे। उनका एक बेटा 7 साल का तो दूसरा मात्र 1.5 साल का है। दिनेश को गोली राजधानी स्कूल के छत पर जमा दंगाइयों ने मारी।