जबकि, ऐसे मौक़ों पर चुप होकर देश और सेना के साथ खड़े होने का बात कहते हुए अपने वोटर बेस को बचाने की जुगत भिड़ानी थी, महागठबंधन एक तरह से भाजपा की तैयार पिच पर खेल रही है, और अपना जनाधार सेना पर सवाल खड़े करते हुए खो रही है।
एक ही कार्ड पूरे देश में मान्य होगा। सभी बैंकों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड में ख़ास फीचर जोड़ कर ऐसा किया जा सकेगा। इस फीचर के जुड़ते ही आप अपने कार्ड को शॉपिंग के अलावा मेट्रो, बस, लोकल ट्रेन वगैरह में यात्रा के लिए भी उपयोग कर पाएँगे।
इस किताब का दावा है कि साल 2007 के गुजरात चुनाव के दौरान दूरदर्शन के संवाददाता संपादकीय सलाह के तौर पर एक 'कंसलटेंट' और तीस्ता सीतलवाड़ से आदेश लेते थे।
राहुल को आयुध फैक्ट्री और राइफल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के बीच का अंतर नहीं पता। राहुल को यह भी नहीं पता कि शिलान्यास और उद्घाटन में क्या फ़र्क़ होता है। कैग ने यूपीए कार्यकाल के दौरान ही सरकार के ढुलमुल रवैये पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया था।
इस मौके पर एक महिला भी पीएम मोदी का पूर्ण समर्थन करती दिखीं। महिला का कहना था कि जब पीएम मोदी ने इतनी बड़ी बात सुलझा दी तो हम उन्हें एक बार नहीं, पाँच बार जिताएँगे और आगे बढ़ाएँगे।
बिहार ने विकास की जिस रफ्तार को पकड़ा है, वो और गति पकड़े इसके लिए केंद्र की NDA सरकार ने निरंतर प्रयास किया है। कुछ दिन पहले ही बरौनी में ₹30 हज़ार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात बिहार को दी गई थी।
पीएम मोदी ने बिना नाम लिए हुए कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि साल 2008 में हुए 26/11 हमले के बाद भी कुछ नहीं हुआ, लेकिन उरी के बाद हमने देखा कि जवान क्या कर सकते हैं, पुलवामा के बाद हमने देखा कि जवानों की ताकत क्या है।
इमाम हुसैन ने पीएम मोदी का अपमान करने के लिए उनकी फोटो को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की फोटो के साथ एडिट कर फेसबुक पर पोस्ट किया। लोगों द्वारा मना किए जाने व विरोध दर्ज कराने के बावजूद इमाम ने ये पोस्ट हटाने से मना कर दिया।
दोनों देशों ने आपात बैठक बुलाई है। एक तरफ जहाँ पीएम मोदी खुद इमर्जेंसी बैठक का नेतृत्व कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तान में यह बैठक विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में किया जा रहा है।
पहला स्कूल बनाने के लिए अहमद अली ने अपनी ही पुस्तैनी जमीन का एक टुकड़ा बेच दिया था और दूसरा हिस्सा स्कूल के लिए दान कर दिया था। स्कूल चलाने के लिए कुछ धन अहमद अली ने अपनी मेहनत, बचत और कुछ चंदे के रूप में जुटाया।