'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना की प्रमुख ज़रूरत देशव्यापी जागरूकता अभियान भी है। पर राहुल और उनके पिट्ठू मीडिया को वास्तविक तथ्यों से अवगत हो और उसे सच्चाई के साथ पेश करने की उम्मीद करना बड़ा सवाल है।
चुनाव से ठीक तीन महीने पहले इंडिया टुडे ने इस मुद्दे पर देश के लोगों की राय जानने के लिए एक सर्वे कराया है। इंडिया टुडे द्वारा कराए गए इस सर्वे में देश के 13,000 लोगों ने हिस्सा लिया।
इन्हीं उद्देश्यों के साथ 2018 की दूसरी छमाही में इंदौर, अहमदाबाद, हैदराबाद, दिल्ली और भोपाल में पाँच आदि महोत्सव आयोजित किए गए। 2019 की पहली छमाही में 12 आदि महोत्सव आयोजित किए जाएँगे।
सिर्फ दो सेक्टर ने इतने लोगों को नौकरियाँ दी हैं, जबकि मुद्रा लोन, इन्फ़्रास्ट्रक्चर सेक्टर से लाखों लोगों को काम देने की बात या स्वरोज़गार करते लोगों की संख्या आदि का कोई आधिकारिक या सरकारी आँकड़ा न होने के कारण ये कहना आसान हो जाता है कि ये ग्रोथ 'जॉबलेस' या रोज़गारहीन है।
कृषि क्षेत्र में नरेंद्र मोदी सरकार को विरासत में एक लचर, रीढ़विहीन और नीतिहीन व्यवस्था मिली थी- पिछले चार सालों में उसमें काफी कुछ सुधार किए गए हैं और किसानों को उनका लाभ भी मिला है। सुनिए आंकड़ों की जुबानी।
इस मौके पर मॉरीशस के पीएम प्रविंद्र जुगनाथ ने हिंदी में कहा कि इस पवित्र नगरी में आए प्रवासी भारतीयों को मेरा प्रणाम। हम संस्कृति की गोद में हैं और यहाँ से गंगा जी का आशीर्वाद लेकर अपने अपने देश जाएँगे।
कल उन्हें 'तानाशाह' पसंद था, अब विकेन्द्रीकरण का बहाना मारते हैं। कल एक आँख के बदले दो आँख की बात करते थे, अब सेना के शौर्य को 'फ़र्ज़ीकल' स्ट्राइक बताते हैं