Gen-z आंदोलन के बाद नेपाल में सरकार बनाने वाले बालेन शाह के खिलाफ लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। भंसार नीति के खिलाफ सीमावर्ती क्षेत्रों में लोग सड़कों पर हैं।
नेपाल-भारत की खुली सीमा चौकियों पर कस्टम प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियाँ काफी सख्त हो गई हैं। नियम के तहत नेपाली 100 रुपए से अधिक मूल्य के किसी भी सामान पर कस्टम शुल्क देना जरूरी है।
नेपाल का एजुकेशन सिस्टम बदलने के लिए 100 दिन का एक्शन प्लान शुरू किया गया है। इसके तहत 5वीं कक्षा तक कोई परीक्षा नहीं होगी, छात्र राजनीति पर बैन लगाया गया है।
नेपाल में Gen Z आंदोलन के बाद पहली बार वोटिंग हो रही है। इससे 165 प्रतिनिधि चुने जाएँगे। इसके लिए निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ-साथ 65 पार्टियाँ चुनाव मैदान में हैं।