घुसपैठ में नाकाम रहने पर पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारी गोलाबारी की। सेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घाटी के लोगों ने भी पाकिस्तान को मुॅंहतोड़ जवाब देने की अपील की है।
शाह महमूद कुरैशी का कहना है कि मनमोहन सिंह ने उनके न्योते का पत्र लिखकर जवाब दिया है। बकौल कुरैशी पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे आम आदमी की हैसियत से समारोह में हिस्सा लेंगे।
डीजीसीए के एक अधिकारी ने इस यात्री विमान को कमर्शियल की जगह मिलिट्री का 'ट्रांसपोंडर कोड' दे दिया था। गलत कोड देने की वजह से पाकिस्तानी रडार पर यह भारतीय वायुसेना का विमान दिखाई दे रहा था।
"पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ईशनिंदा संबंधी सामग्री पोस्ट करने के आरोप में नए कानून के तहत दोष सिद्ध होने का यह पहला मामला है। साजिद अली पर बेअदबी भरी, ईशनिंदा करने वाली और अपमानजनक’ सामग्री डालने का आरोप था।"
जैसे ही कनफ़्यूज़न ख़त्म हुआ, पाक फाइटर जेट्स ने स्पाइसजेट को अपने एयरस्पेस से बाहर तक जाने का रास्ता दिया और तब तक उसके साथ रहे जब तक वह अफ़ग़ानिस्तान की सीमा में दाखिल नहीं हो गया। DGCA की तरफ़ से इस बात की पुष्टि की गई है।
डोभाल ने मीडिया के बारे में कहा, "जब हम नहीं बताते हैं, तो मीडिया अटकलबाज़ी करने लगता है।" उन्होंने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को मीडिया के इस्तेमाल में सक्रिय होने के लिए कहा।
पाकिस्तान को इस मामले में चीन, तुर्की और मलेशिया से मदद की आस थी। पिछली बार उसे ब्लैकलिस्ट होने से इन्हीं तीन मुल्कों ने बचाया था। लेकिन, इस बार ये तीनों देश भी उससे किनारा करते नजर आ रहे हैं।
IAF की एयरस्ट्राइक के 6 महीने बाद पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। जानकारी के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद के 40 से 50 आतंकवादी इस समय वहाँ ट्रेंनिंग ले रहे हैं, जिनमें फिदायीन हमलावर भी शामिल हैं।
“हम यहाँ स्थानीय लोगों से मिले और किसी भी व्यक्ति ने मानव अधिकारों का उल्लंघन होने की बात नहीं कही। पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा झूठा था। हाँ, यहाँ मूलभूत सेवाएँ जैसे फोन पर प्रतिबंध लगा था। लेकिन जब बड़े कदम उठाए जाते हैं तो इस तरह के निर्देश जारी किए जाते हैं।”
फिरोजपुर के नजदीक हुसैनवाला सीमा के करीब बीएसएफ जवानों ने अभी हाल ही में एक ड्रोन को सीमा में घुसते देखा था। पंजाब पुलिस के अनुसार अभी हाल ही में एके-47 राइफल्स और ग्रेनेड भारी मात्रा में ड्रोन के जरिए ही अमृतसर भेजे गए थे।