पिछले साल, इंद्राणी मुखर्जी ने एक सनसनीखेज खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि वे चिदंबरम से उनके नॉर्थ ब्लॉक कार्यालय में मिली थीं और उनसे उनकी मीडिया कंपनी में विदेश निवेश के लिए क्लीयरेंस की माँग की थी। इंद्राणी का दवा है कि पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने उनसे अपने बेटे कार्ति के व्यवसाय में मदद करने को कहा था।
डीईए, सीबीआई और डीओपीटी ने सीवीसी से राय मांगी थी जिसके आधार पर सीवीसी ने इन चारों पूर्व अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। जिसमें हिमाचल प्रदेश सरकार में वर्तमान प्रमुख सचिव प्रबोध सक्सेना और डीईए के पूर्व अवर सचिव रबिन्द्र प्रसाद का भी नाम है।
स्पेशल जज ओपी सैनी ने चिदंबरम पिता-पुत्र के वकील और कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय लिया। सरकारी एजेंसियों की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जाँच पूरी करने के लिए और समय की माँग की।
श्रीवास्तव ने कार्ति चिदंबरम पर चुनावी धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया और कहा कि उनका शपथपत्र झूठा है। उन्होंने वह संपत्ति तो घोषित ही नहीं की है जो आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारकर सामने लाई थी।
भले ही पी चिदंबरम अपने इस ट्वीट के ज़रिए यह दिखाना चाहते हों कि उन्हें आयकर विभाग की छापेमारी से डर नहीं लगता, लेकिन सच्चाई तो यह है कि वो सीएम कमलनाथ के क़रीबियों के ठिकानों पर अचानक हुई छापेमारी से सहमे हुए हैं। वजह साफ़ है। उनके बेटे और उनकी पत्नी...
कॉन्ग्रेस की चिड़चिड़ाहट का कारण केवल और केवल पीएम मोदी हैं। यह चिड़चिड़ाहट और बौखलाहट किसी न किसी रूप में सामने आती रहती है। इस बार यह झुंझलाहट पी चिदंबरम के रूप में सामने है।
पी चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने वित्त मंत्री (साल 2007) रहते हुए गलत तरीके से विदेशी निवेश को मंजूरी दी थी। उन्हें 600 करोड़ रुपए तक के निवेश की मंजूरी देने का अधिकार था, लेकिन INX सौदा करीब 3500 करोड़ रुपए निवेश का था।
ज्योति मल्होत्रा को पी चिदंबरम ने जैसे धमकी दी, ऐसा अगर भाजपा के किसी मंत्री ने किया होता तो 'लोकतंत्र खतरे में' और 'मीडिया पर अंकुश' या 'सुपर-इमर्जेंसी' जैसा कुछ भयंकर ट्रेंड कर गया होता ट्विटर पर।
प्रथा वो है, जिसमें कॉन्ग्रेस पार्टी की विचारधारा लीन है। ‘परिवारवाद’ है प्रथा चिदंबरम जी... और अगर ये प्रथा नहीं है तो ‘राहुल गाँधी’ ही क्यों कॉन्ग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं... आप बन जाइए!