"तृणमूल कॉन्ग्रेस की गुंडा वाहिनी ने अचानक से बाजार में आकर BJP पार्टी ऑफिस तोड़ दिया। पुलिस को खबर देने पर भी कोई फायदा नहीं हुआ। तृणमूल कॉन्ग्रेस ने इलाके को अशांत कर रखा है। अगर पुलिस की तरफ से जल्द ही इन पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो हमें मजबूरन बड़े आंदोलन पर उतरना होगा।"
सड़क पर नमाज से न केवल आम लोगों को परेशानी होती है, बल्कि यह प्रशासन के लिए भी बड़ा सिरदर्द है। इसका हवाला देते हुए भाजयुमो का कहना है कि जब दूसरे समुदाय वाले हर शुक्रवार को नमाज के नाम पर सड़क बंद कर सकते हैं और प्रशासन उन्हें नहीं रोकता तो हम हनुमान चालीसा का पाठ सड़क पर क्यों नहीं कर सकते।
टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल स्थिति का जायजा लेने के लिए आज (जून 28, 2019) भाटपारा जाने वाला है। यहाँ 20 जून को हुई हिंसा में 2 लोगों की मौत हुई थी और 11 लोग घायल हो गए थे। इस घटना के मद्देनजर शनिवार (22 जून) को भाजपा का 3 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल के भाटपारा का दौरा करने पहुँचा था और उसका नेतृत्व भाजपा सांसद एसएस अहलूवालिया ने किया था।
महुआ मोइत्रा अगर अपनी पार्टी के गिरेबान में झाँक लें तो शायद राजनीतिक स्वतंत्रता पर दूसरों को उपदेश देने के बाद वह संसद आना तो दूर, घर से निकलने में शर्माएँ!
"अगर एक मज़हब के लोग शुक्रवार को सड़कों पर बैठ कर नमाज़ पढ़ सकते हैं तो दूसरे धर्म के लोग मंगलवार को सड़कों पर बैठ कर हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं कर सकते? सिर्फ़ नमाज़ के कारण बंगाल की कई महत्वपूर्ण सड़कों पर आवागमन रोक दिया जाता है।"
दलाली की रकम को वापस किए जाने की माँग को लेकर भाजपा ने प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही भाजपा नेता के घर को निशाना बना दिया गया। सरकारी योजनाओं में दलाली के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले भाजपा नेता के घर में बमबारी और फायरिंग की गई है।
बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी बैठक का स्वागत करते हुए कहा कि बेहतर होता अगर ममता सरकार इसके लिए उपक्रम करती। इस मीटिंग के पहले राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर उन्हें बंगाल के हालात की सूचना दी।
कार्यकर्ताओं की लगातार होती हत्या से भाजपा कार्यकर्ताओं में गुस्सा और भड़क गया। लोग ममता सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरकर नारेबाजी करने लगे। लालबाजार में बीजेपी ने मार्च निकाला। साथ ही पुलिस मुख्यालय का घेराव भी किया।