महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख ने हत्या के पीछे वाजे का क्या मकसद था इसका खुलासा नहीं किया है। उन्होंने केवल महत्वपूर्ण दस्तावेज साझा किए हैं, जो हत्या के मामले में वाजे की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।
पवार ने दावा किया कि अनिल देशमुख 5 से 15 फरवरी तक अस्पताल में भर्ती थे। 16 फरवरी से 27 फरवरी तक होम आइसोलेट थे। जबकि इस दौरान उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस करने, लोगों से मिलने के सबूत सामने आए हैं।
बैठक के बाद मंत्री जयंत पाटिल ने अपने बयान में यह साफ़ कहा कि अनिल देशमुख का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा। देशमुख के इस्तीफे की जरूरत नहीं है। मामले की जाँच महाराष्ट्र एटीएस और एनआइए कर रही है।