फोर्ब्स की विश्व के टॉप-20 लोगों की सूची लीक होने के बाद लिबरल गिरोह में फूट पड़ चुकी है। खान मार्केट गैंग का कहना है कि मोदी-शाह ने साजिशन कन्हैया कुमार का नाम सूची में डलवाया है। जबकि रवीश (NDTV वाले) ने कन्हैया पर जात भाई को ही दगा देने का गंभीर आरोप लगाया।
अवॉर्ड वापसी गैंग के मार्गदर्शक मंडल में शामिल मुनव्वर राना को ख़ूब पता है कि दस्तारें बनाने वाले अब पत्थर चलाने लगे हैं। राना अब 'माँ' को छोड़ कर 'मर्दानगी' जाँचने पर उतर आए हैं। उनके अंदर का 'मुसलमान' बिलबिला रहा है। उनका लॉजिक है- मुस्लिम ज़्यादा वफ़ादार हैं क्योंकि उन्हें दफनाया जाता है।
अगर सच में बैंडेज पहनने का शौक है तो उपद्रवियों के लिए दो विकल्प हैं। पहला विकल्प ये है कि वो यूपी में जाकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर सकते हैं। पुलिस उनकी ऐसी मरम्मत करेगी कि वो ख़ुद असली मरहम-पट्टी के साथ लौटेंगे। लेकिन हाँ, वो फिर सड़क पर उतर कर 'ड्रामा खेलने' की हिम्मत शायद ही जुटा सकें।
कर्नाटक में भाजपा को 6 सीटें चाहिए थीं लेकिन पार्टी 12 जीत रही है। शाह शायद अब डबल का आँकड़ा लेकर चल रहे हैं। डीके शिवकुमार नए 'चाणक्य' बनते-बनते रह गए। कुमारस्वामी और देवगौड़ा तो रो कर दर्द कम कर लेंगे, मुंबई की तिकड़ी का क्या होगा अब? मोदी ने जवाब दे दिया है।
कोई मुझे ये बता दे कि विवाह की पार्टियों में व्यस्त तेलंगाना मुख्यमंत्री केसीआर जी के पास क्या इतना समय रहा होगा कि वो उस 'डीजे… डीजे… प्रतापगढ़… छलकत हमरो जबनिया ऐ राजा' वाले शोर में साइबराबाद पुलिस से बात भी कर पाए होंगे? फिर पुलिस का मुखिया किसको फोन करेगा? जी, केन्द्र के गृह मंत्रालय को।
युवती छगनलाल के विरोध पर चीखी, "द्वार खोलिए, अन्यथा तोड़ना पड़ेगा। डाऊन विद पेट्रियारकी। हमें जल्दी है, आप अपना मग्गा ले कर कोने मे बैठ जाएँ। जब एक महिला अंतरिक्ष में जा सकती है, एवरेस्ट पर जा सकती है तो आपके स्नानागार में क्यों नहीं आ सकती है।"
बुद्ध बोलते रहे, "अब इस मायावती नामक जीव को ही देखो। जब तक एक जाति को दूसरे से लड़ा कर, भटका कर, झूठे वादों पर विश्वास दिला कर इनका काम निकलता रहा, तब तक ठीक था। नाम मेरा लेते हैं और आंदोलनों के नाम पर हिंसा और आगजनी से इनका इतिहास पटा पड़ा है।"
गाँधी के कई नकली बयान आ गए हैं। ये हँसी-मज़ाक के लिए होते हैं। ये गाँधी के असली वक्तव्य नहीं होते। अब ये तो पता ही है कि जीवनपर्यन्त शाकाहारी रहे बापू आपको बटर-चिकन खाने की सलाह तो देंगे नहीं। लेकिन, मीम्स के द्वारा सब संभव है।
बताया जा रहा है कि भले ही टीम इस फैसले का खुलकर विरोध नहीं कर पा रही है, लेकिन उनके भीतर के स्वर मिस्बाह के ख़िलाफ़ ठीक वैसे ही आग बबूला हो रहे हैं, जैसे आर्टिकल 370 पर उनके मुल्क के नेताओं के स्वर!