शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया है कि यदि पाकिस्तान ने नई दिल्ली में अपना उच्चायोग बंद नहीं किया होता, तो उसके उच्चायुक्त को यहाँ से भागना पड़ता क्योंकि यहाँ काफी गुस्सा है और अब दोनों देशों के बीच कोई भावनात्मक जुड़ाव नहीं है।
"मेरे पास भी एक माँ है, पत्नी है और बेटी है। ऐसे में मुझे पता है कि महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। रविवार को जो दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ वह बारिश के पानी की वजह से नहीं बल्कि बिजली तार के लोहे के दरवाजे से सट जाने के कारण हुआ, जिसकी चपेट में माँ-बेटे आ गए।"
पोस्टर पर शिवसेना सांसद संजय राउत का वो बयान लिखा था जिसमें उन्होंने कहा था,”आज जम्मू और कश्मीर लिया है, कल बलूचिस्तान लेंगे, पीओके लेंगे और मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अखंड भारत का सपना पूरा करेंगे।”
सीटों के बँटवारे को लेकर मुख्यमंत्री फड़णवीस ने कहा कि यह आँकड़ा 130 से 140 तक हो सकता है और बाक़ी बची सीटों को सहयोगी दलों के बीच बाँट दी जाएँगी। बता दें कि महाराष्ट्र में कुल विधानसभा सीटें 288 हैं।
संजय राउत ने रिसर्चर्स के हवाले से कहा कि वो मुर्गियाँ सिर्फ़ आयुर्वेदिक अंडे ही देती हैं, जिन्हें केवल आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थ खाने को दिए जाएँ। उन्होंने कहा कि लोग अपने शरीर में प्रोटीन की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए उन आयुर्वेदिक अण्डों को खा सकते हैं।
एक ट्वीट में प्रियंका ने कहा, “हिंदी सिनेमा में इसी आस्था के लोगों ने सफलता के कई कीर्तिमान गढ़े हैं, क्या उन्हें धर्म के बारे में पता नहीं है? कुछ ने जायरा के फैसले की विनोद खन्ना के उस फैसले के साथ बराबरी की है। जब विनोद खन्ना ने कहा था कि उनका धर्म उनके करियर के चुनाव करने के दौरान आड़े आ रहा है?”
शिवसेना ने कहा, "जीत के बाद पीएम मोदी ने विपक्ष के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा, इस पर गौर किया जाना चाहिए। पीएम मोदी की कार्यशैली से साफ हो गया है कि ये नई सरकार मानवता और संयम की भावना के साथ काम करेगी।"
श्री लंका में बुर्क़े पर प्रतिबंध लगाने की बात चल ही रही थी कि इसी बीच केरल के एक अल्पसंख्यक कॉलेज ने बुर्क़ा पहनकर आने पर पाबंदी लगाने से संबंधित सर्कुलर जारी किया गया था।
कुछ रोज पहले श्री लंका में आतंकी हमला हुआ था जिसमें 300 से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बर थी और लगभग 500 लोग घायल हुए थे। वहाँ की सरकार ने मुँह ढकने वाले हर तरह के कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला लिया था।
चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें पता है कि वह अपने विचारों के लिए जवाबदेह होंगी। जब वह कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता थीं, तब उन्होंने भाजपा के साथ-साथ शिवसेना के खिलाफ अपमानजनक बातें की थीं, लेकिन यह शिवसेना में शामिल होने से पहले बहुत पहले की बात है।