सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो राज्य की पुलिस द्वारा उठाए गए क़दमों से संतुष्ट नहीं है। हरीश साल्वे के आश्वासन पर सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि सबूतों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
इससे पहले दिल्ली सरकार ने इसी याचिका की तत्काल सुनवाई के लिए 13 सितंबर 2021 को उल्लेख किया था। उस दौरान सर्वोच्च अदालत इसे सूचीबद्ध करने को सहमत हो गई थी।
अदालत ने कहा कि लाभार्थी का पूरा विवरण इलेक्ट्रोनिक और प्रिंट मीडिया में प्रकाशित किया जाए। आदेश में यह भी कहा गया है कि मृतक के परिजनों को 50,000 रुपए की राशि का भुगतान हर हाल में किया जाएगा।