स्मार्टफोन के युग में अब यह बताने के लिए किसी को कंप्यूटर साइंस करने की जरुरत नहीं है कि शादी और बीवी के बाद 40 GB का स्पेस कैसे बच जाता है। पाकिस्तानी मंत्री फवाद चौधरी के इस ट्वीट लोगों ने न सिर्फ उसका बल्कि पूरे पाकिस्तान का मजाक उड़ाया।
गोधरा पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात सुजात वली नाम के एक स्त्री रोग विशेषज्ञ को दरगाहों पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर समुदाय विशेष की भावनाएँ आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कुछ दिन पहले ही डॉक्टर सुजीत वली का एक विडियो वायरल हुआ था।
सिर्फ एक मीडिया हाउस के वीडियो पर हाहा रिएक्शन देने वाले लोगों के नाम देखिए। इनकी संख्या क़रीब हज़ार में है लेकिन 90% से भी ज्यादा लोगों की ख़ासियत यह है कि 'इनका कोई मज़हब नहीं है'।
नून-टिमाटर वाले देश के लोग भी कल रात जाग रहे थे। भूखे पेट भला नींद आए भी तो कैसे! उसी देश का एक मंत्री है - वो भी विज्ञान व तकनीक मंत्री। नाम है फवाद चौधरी। आज उसके कान से खून बह रहा होगा क्योंकि...
नए ट्रैफिक नियमों की घोषणा के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक से बढ़कर एक चुटकुलों की बाढ़ आ गई है, जिनमें लोग बढ़ाए गए जुर्मानों का अपने-अपने अंदाज में विरोध भी कर रहे हैं और उसके मजे भी ले रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को काफ़ी शेयर किया गया जिससे गांगुली की यह हरक़त प्रशासन तक पहुँच बना सके। युवा मामले और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरेन रिजिजू ने पुलिस से इस जघन्य अपराध के लिए कोच के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है
कविता कृष्णन ने साहिल का नाम देखा और उसे मुस्लिम समझकर प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया। इसके बाद कई लोगों ने कविता कृष्णन की खिंचाई करते हुए खबरों की पुष्टि कर लेने की नसीहत दी।
जावेद को जब कोई युवती वीडियो कॉल करती थी तो वह भेद खुलने के डर से रिसीव नहीं करता था। जावेद की पत्नी अपने शौहर की इस हरकत से तंग आ चुकी थी और गुस्से में उसने उसके 5 फोन फोड़ डाले थे। जावेद की बीवी ने उसके फोन में कई नंगी लड़कियों की तस्वीरें देख ली थीं।
इस वीडियो में शफी खुद बताते नजर आ रहे हैं कि उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में उन्हें पत्थरबाजों ने मारा था न कि उन्हें कोई गोली लगी थी। उन्होंने बताया कि खिड़की के छेद से किसी ने उन पर पत्थर फेंका और इस समय वह अस्पताल में भर्ती हैं।
अगर आप हिंदू हैं और अपने धर्म के बारे में लिखते, पढ़ते और बोलते हैं तो आप असहिष्णुता और कट्टरता का चेहरा हैं। आप विशेष मजहब से हैं और गंद भी परोस रहे हैं तो आप देश का वो अल्पसंख्यक चेहरा हैं जो बेचारा खुद के अस्तित्व को बचाए रखने की लड़ाई लड़ रहा है।