बलिदानी जवानों के 100 बच्चों का गौतम गंभीर ने उठाया ज़िम्मा, कहा- बेटियों को बनाएँगे सशक्त

जीजी फाउंडेशन का उद्देश्य बलिदानी जवानों के बच्चों का सहारा बनना है और उन्हें पोस्ट-ट्रॉमा काउंसलिंग प्रदान करना है। साथ ही बच्चों की शिक्षा का 100 प्रतिशत ख़र्च उठाना है। एनजीओ का लक्ष्य किशोर लड़कियों (15-18 वर्ष) का सामाजिक-आर्थिक स्तर पर विकास कर उन्हें सशक्त बनाना है।

क्रिकेटर से राजनेता बने गौतम गंभीर ने घोषणा की है कि उनका एनजीओ जीजी फाउंडेशन देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बहादुरों के 100 बच्चों की देखभाल करेगा। गंभीर ने ट्वीट कर बताया, “इन बच्चों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। जीजी फाउंडेशन को बधाई! हम बलिदानी जवानों के 100 बच्चों की देखभाल करेंगे, इस बात पर हमें गर्व है। उनके पिता ने देश के लिए अपना बलिदान दे दिया और अब हमारी बारी है।”

जीजी फाउंडेशन का उद्देश्य बलिदानी जवानों के बच्चों का सहारा बनना है और उन्हें पोस्ट-ट्रॉमा काउंसलिंग प्रदान करना है। साथ ही बच्चों की शिक्षा का 100 प्रतिशत ख़र्च उठाना है। एनजीओ का लक्ष्य किशोर लड़कियों (15-18 वर्ष) का सामाजिक-आर्थिक स्तर पर विकास कर उन्हें सशक्त बनाना है। इस लक्ष्य की पूर्ति उनके चहुमुखी विकास के ज़रिए होगी। इसमें उन्हें शिक्षित बनाने से लेकर पोषित आहार उपलब्ध कराना शामिल है।

गौतम गंभीर इस साल हुए लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर पहली बार लोकसभा पहुॅंचे हैं। भाजपा के टिकट पर उन्होंने पूर्वी दिल्ली सीट से तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। सलामी बल्लेबाज़ रहे 37 वर्षीय गंभीर ने कॉन्ग्रेस के अरविंदर सिंह लवली और AAP की आतिशी मार्लेना को पटखनी दी थी।

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गंभीर ने भारत के लिए 147 वनडे, 58 टेस्ट मैच और 37 टी-20 मैच खेले। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 9,000 से अधिक रन उनके नाम है। वे 2011 विश्व कप फाइनल मैच में श्रीलंका के ख़िलाफ़ सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे और 28 साल के अंतराल के बाद भारत को ट्रॉफी दिलाने में 97 रनों की अहम पारी खेली थी। देश से जुड़े मसलों पर अपने दो टूक ​विचारों के लिए भी वे जाने जाते हैं।

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