6 दिसंबर की देर रात इबरार रंजना को एक झोपड़ी में ले गया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगा। जब लड़की ने इससे इंकार किया तो उसने उसे पटका, उसका मुँह दबाया और चाकू से गले को लगभग अलग कर दिया।
"मैं मजदूर हूँ। 5 महीने पहले पति मर गए। बेटे काम की तलाश में दरभंगा और नेपाल चले गए। एक महीने पहले जब मेरी बेटी खेत में धान काट रही थी, तभी अरमान अंसारी ने उसके साथ बलात्कार किया। उसे गर्भ भी ठहर गया। मैं चाहती थी कि वो मेरी बेटी से शादी कर ले, लेकिन उसने इनकार कर दिया और फिर जला कर मार भी डाला।"
यह पहला झूठ नहीं था, जिसे हरिशंकर ने अपने बेटे को बचाने के लिए बोला। इससे पहले वो बताया था कि उसका बेटा घटना वाले दिन लखनऊ में परीक्षा देने गया था। लेकिन एडमिट कार्ड या कोई दूसरा सबूत पेश नहीं कर पाया। फिर उसने हाईकोर्ट में अस्पताल की पर्ची जमा करवा दी। लेकिन अब यह भी फर्जी!
"8 दिसम्बर की रात मेरी बेटी शौच के लिए गई थी। वहीं से जाहिद, नसीर और ताहिर ने हथियार के बल पर उसका अपहरण कर लिया। फिर पास के जंगल में ले जाकर अपने साथियों अमर, बन्नू और बालू के साथ मिलकर उसका सामूहिक बलात्कार किया। फिर उन्होंने..."
रिव्यू पिटिशन से पहले 29 अक्टूबर 2019 को जेल प्रशासन ने सभी कानूनी रास्ते बंद हो जाने पर दोषियों को राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने के लिए सात दिन का वक़्त दिया था। इनमें से केवल विनय शर्मा ने ही इसके लिए अर्जी दाखिल की थी।
मृतक लड़की लगभग 6 महीने पहले यूपी के जौनपुर से शहर आई थी और भांडुप में जॉब कर रही थी। यहाँ उसे मुस्लिम समुदाय के एक सहकर्मी से प्यार हो गया और वह उससे शादी करना चाहती थी। मगर उसके पिता को यह मंजूर नहीं था। इसी बात को लेकर...
आरोपित ने कथित तौर पर महिला का गुप्त तरीके से नहाते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया था। जिसके बाद महिला ने उससे वीडियो हटाने को कहा, मगर जब टोंडे ने नहीं सुनी तो महिला ने एक शिकायत दर्ज करवाई और पुलिस द्वारा उसको गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ दिन पहले वह जमानत पर छूटा, तो...
जज शिल्पा समीर ने जब यह फ़ैसला सुनाया तो कोर्ट में मौजूद हर शख़्स मासूम की हत्या व बलात्कार की वारदात को सोचकर बेहद भावुक हो गया, लेकिन इस नृशंस वारदात को अंजाम देने वाले दरिंदे महेंद्र के चेहरे पर एक शिकन भी नहीं आई।
एक सूटकेस में किसी मर्द का पैर, हाथ और प्राइवेट पार्ट। उसके बाद एक स्वेटर। स्वेटर पर सिलने वाले टेलर का नाम... यही क्लू मुंबई पुलिस को बेटी द्वारा बाप के मर्डर की कहानी तक ले जाती है।
"अगर अदालती प्रक्रिया से न्याय होता तो इसमें काफी लंबा समय लगता। क्राइम सीन को रिक्रिएट करने के लिए 100% 'ऊपर' से निर्देश हुआ। तेलंगाना राज्य तत्काल कार्रवाई करने में बहुत तेज है। मैं बहुत खुश हूँ।"