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किसान आंदोलन में ‘रावण’ और ‘बिलकिस बानो’, पर क्यों? अजीत भारती का वीडियो । Ajeet Bharti on Farmers Protest

किसानों ने पीएम मोदी और अमित शाह के प्रपोजल को रिजेक्ट कर दिया है, जो 3 दिसंबर को होनी थी। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कई किसानों का उदाहरण देकर समझाया कि कैसे किसान इस बिल से लाभान्वित हो रहे हैं, अपने उत्पादों को बेच पा रहे हैं। अगर उन्हें भुगतान नहीं मिलता है तो वो शिकायत भी दर्ज करा रहे हैं, जिस पर कार्रवाई भी हो रही है।

किसान आंदोलन राजनैतिक चित्रहार की तरह हर दिन नए-नए गीत दिखाता जा रहा है। थोड़ी-थोड़ी देर पर नया चीज निकल कर सामने आता है। फिलहाल जो नयापन है, उसमें 4-5 कैरेक्टर की एंट्री है। जिसमें से एक भीम आर्मी का चंद्रशेखर ‘रावण’ है, दूसरी बिलकिस बानो है, जो तथाकथित शाहीन बाग की ‘दादी’ के रूप में चर्चा में आई थी। कनाडा के प्रधानमंत्री भी इसमें कूद गए हैं और ज्ञान की बात करने लगे हैं।

किसानों ने पीएम मोदी और अमित शाह के प्रपोजल को रिजेक्ट कर दिया है, जो 3 दिसंबर को होनी थी। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कई किसानों का उदाहरण देकर समझाया कि कैसे किसान इस बिल से लाभान्वित हो रहे हैं, अपने उत्पादों को बेच पा रहे हैं। अगर उन्हें भुगतान नहीं मिलता है तो वो शिकायत भी दर्ज करा रहे हैं, जिस पर कार्रवाई भी हो रही है। प्रदर्शन में होने वाली हर बिंदु को जब आप गौर से देखेंगे तो आपको लगने लगेगा कि इसका किसानों से कोई लेना-देना नहीं है।

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अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

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