Homeवीडियोबिहार चुनाव 2025कटिहार में बांग्लादेशी घुसपैठ से बदल गई डेमोग्राफी, 30 साल से हिंदुओं के मंदिर...

कटिहार में बांग्लादेशी घुसपैठ से बदल गई डेमोग्राफी, 30 साल से हिंदुओं के मंदिर पर मुस्लिमों का कब्जा

कटिहार में बांग्लादेशी घुसपैठ ने डेमोग्राफी बदल दी और हिंदुओं के लिए खतरा पैदा कर दिया। यहाँ एक प्राचीन मंदिर पर पिछले तीन दशकों से मुस्लिम समुदाय का कब्जा है।

बिहार ग्राउंड रिपोर्ट में ऑपइंडिया टीम कटिहार पहुँची, जहाँ बांग्लादेशी घुसपैठ ने डेमोग्राफी बदल दी और हिंदुओं के लिए खतरा पैदा कर दिया। यहाँ एक प्राचीन मंदिर पर पिछले तीन दशकों से मुस्लिम समुदाय का कब्जा है। हिंदू समुदाय जमीन से लेकर कोर्ट तक लड़ रहा है, लेकिन अपने आराध्य की पूजा का अधिकार नहीं मिल सका।

एक स्थानीय हिंदू निवासी ने कहा, “30 साल से मंदिर पर कब्जा है, हम कोर्ट गए, लेकिन न्याय नहीं मिला। घुसपैठिए बढ़ रहे, हमारी जमीन छीन रहे।”

अनुराग मिश्रा की रिपोर्ट से पता चला कि घुसपैठ ने इलाके की जनसांख्यिकी बदल दी, हिंदू अल्पमत में आ गए। इस मंदिर विवाद में हिंदू संगठन भी सक्रिय हैं, लेकिन मुस्लिम पक्ष दावा करता है कि जमीन उनकी है। कोर्ट केस लंबित है। यह लड़ाई हिंदू अस्तित्व की है।

देखिए ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुराग
अनुराग
Ground Report, Explainer, Article & many more.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राम-कृष्ण-शिव भी हैं, लेकिन सबसे ऊपर स्वामीनारायण: समझिए- BAPS की शुरुआत से बड़ा बनने की पूरी कहानी

BAPS के मंदिरों में राम, कृष्ण, शिव, पार्वती, गणेश और हनुमान की मूर्तियाँ भी होती हैं लेकिन वो सब मूर्तियाँ स्वामी स्वामीनारायण से छोटी होती हैं। आखिर क्या है इनकी मान्यता?

EC में कैसे आए 3 कमिश्नर? जब राजीव गांधी से भिड़े CEC शास्त्री, तो बदल दिया गया चुनाव आयोग का पूरा गेम

चुनाव आयोग में तीन कमिश्नर्स की व्यवस्था कैसे शुरू हुई? राजीव गाँधी, आरवीएस शास्त्री और टीएन शेषन से जुड़ी पूरी कहानी समझिए।
- विज्ञापन -