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कटिहार में बांग्लादेश सीमा पर मुस्लिम क्यों नकार रहे घुसपैठ की हकीकत, NRC-CAA का भी विरोध: डेमोग्राफी में बदलाव दिखा रही असलियत

कटिहार में मुस्लिम आबादी 44% है, जो 1951 से 16% बढ़ चुकी। बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए आ रहे हैं, हिंदू अल्पमत होकर पलायन कर रहे।

बिहार विधानसभा चुनाव में ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए ऑपइंडिया की टीम सीमांचल के कटिहार पहुँची, जो बांग्लादेश सीमा से सटा है। यहाँ घुसपैठ बड़ा मुद्दा है, लेकिन स्थानीय मुस्लिम आबादी इसे अफवाह या राजनीतिक एजेंडा बताकर नकार रही है।

कटिहार में मुस्लिम आबादी 44% है, जो 1951 से 16% बढ़ चुकी। बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए आ रहे हैं, हिंदू अल्पमत होकर पलायन कर रहे।

एक स्थानीय मुस्लिम निवासी ने कहा, “यह BJP का वोट बैंक गेम है, हम देसी हैं, कोई घुसपैठ नहीं।” लेकिन हिंदू ग्रामीणों का कहना है, “लैंड ट्रांसफर अनौपचारिक तरीके से हो रहा, सुरजापुरी मुस्लिम ब्रदरहुड का नाम लेकर शेरशाहाबादी घुसपैठिए बस रहे।”

NRC-CAA का विरोध इसलिए क्योंकि वे डरते हैं कि असली घुसपैठिए पकड़े जाएँगे। कटिहार जैसे इलाकों में डेमोग्राफी चेंज नेशनल सिक्योरिटी थ्रेट है। असलियत ये है कि यहाँ भारी घुसपैठ हो रही है, लेकिन इसे स्वीकारना मुश्किल है।

देखें ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट

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ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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