Wednesday, June 19, 2024
Homeवीडियो'मैन ऑफ अमित शाह' क्यों कहते हैं इन्हें? | Bihar Elections: 'Man of Amit...

‘मैन ऑफ अमित शाह’ क्यों कहते हैं इन्हें? | Bihar Elections: ‘Man of Amit Shah’ talks to OpIndia

उनके लिए जनता का झुकाव पार्टी से परे जाकर भी है। उन्होंने बताया कि वो छात्र जीवन से ही सामाजिक कार्यों में लगे रहे हैं। उन्होंने हर जाति-दल के लोगों की मदद की है। यही कारण है कि आज लोग जाति-दल से ऊपर उठ कर उनका समर्थन कर रहे हैं।

बिहार की चुनावी यात्रा के दौरान ऑपइंडिया ने ‘मैन ऑफ अमित शाह’ कहे जाने वाले मुरारी मोहन झा से मुस्लिम बहुल केवटी विधानसभा क्षेत्र के मुद्दों पर बातचीत की। यह पूछे जाने पर कि वह जनता के बीच किन मुद्दों को लेकर जाएँगे, उनका कहना है कि वो प्रधानमंत्री की योजनाओं के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं।

यात्रा के दौरान हमने पाया कि उनके लिए जनता का झुकाव पार्टी से परे जाकर भी है। जब हमने इस बारे में उनसे जानने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि वो छात्र जीवन से ही सामाजिक कार्यों में लगे रहे हैं। उन्होंने हर जाति-दल के लोगों की मदद की है। यही कारण है कि आज लोग जाति-दल से ऊपर उठ कर उनका समर्थन कर रहे हैं।

पूरी वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत झा
अजीत झा
देसिल बयना सब जन मिट्ठा

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट...

पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी। इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे।

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -