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ED की कृपा से चिदंबरम को जेल में जलानी पड़ेगी दिवाली की मोमबत्ती, अदालत ने बढ़ाई कस्टडी

पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने INX मामले में चिदंबरम को जमानत देने से इंकार कर दिया था। इस फैसले को चिदंबरम द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। 18 अक्टूबर को सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने 22 अक्टूबर को उनकी जमानत संबंधी अपना फैसला सुनाया।

अभी-अभी जानकारी आ रही है कि पूर्व वित्त मंत्री और INX मीडिया घोटाले के आरोपित कॉन्ग्रेस नेता को दीवाली जेल में ही मनानी पड़ेगी, क्योंकि उनकी ED कस्टडी अदालत ने 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। मालूम हो कि पूर्व मंत्री पी. चिदंबरम वित्त मंत्री रहने के दौरान रिश्वत लेकर INX मीडिया को विदेशी निवेश की स्वीकृति देने के मामले में आरोपित हैं। उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी दोनों की अलग-अलग जाँचें चल रहीं हैं, जिनमें चिदंबरम की कस्टडी दोनों एजेंसियों के बीच रोटेट हो रही है।

इसके पहले उन्हें सीबीआई द्वारा दायर केस में मिली थी और सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के मामले में उन्हें जमानत दे दी थी। लेकिन ईडी मामले में जमानत न मिलने के कारण वे तिहाड़ जेल में ही रहे। और अब इस साल घर पर दिवाली मना पाने की उनकी सारी रही सही उम्मीदें भी धड़ाम हो गईं हैं। उन्हें 22 अगस्त को जोरबाग स्थित निवास से गिरफ्तार किया गया था।

पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने INX मामले में चिदंबरम को जमानत देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद हाई कोर्ट के इस फैसले को चिदंबरम द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। 18 अक्टूबर को सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने इस फैसले को सुरक्षित रख लिया था और 22 अक्टूबर को उनकी जमानत संबंधी अपना फैसला सुनाया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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