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शिक्षक भर्ती घोटाला केस में ममता बनर्जी के मंत्री के घर ED का छापा, ₹40 लाख की नकदी बरामद: दावा- नहीं बता पाए इतना रुपया कहाँ से आया

पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री चंद्र नाथ सिन्हा के घर पर ईडी की छापेमारी हुई है, जिसमें 40 लाख की रकम बरामद हुई है। चंद्र नाथ सिन्हा का नाम एक आरोपित की डायरी से मिला था, जिसके बाद ये छापेमारी की गई। मंत्री इस 40 लाख की रकम का स्रोत नहीं बता पाए।

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के कैबिनेट मंत्री चंद्र नाथ सिन्हा के घर पर ईडी की छापेमारी हुई है, जिसमें 40 लाख की रकम बरामद हुई है। चंद्र नाथ सिन्हा का नाम एक आरोपित की डायरी से मिला था, जिसके बाद ये छापेमारी की गई। मंत्री इस 40 लाख की रकम का स्रोत नहीं बता पाए। ईडी ने ये छापेमारी शुक्रवार (22 मार्च 2024) को की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार टीएमसी यूथ विंग के नेता कुंतल घोष के पास से एक रजिस्टर मिला था, उस रजिस्टर में चंद्र नाथ सिन्हा का नाम मिला था। कुंतल घोष को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

ईडी सूत्रों के हवाले से पता चला है कि चंद्र नाथ सिन्हा के बीरभूम जिले में स्थित बोलपुर के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। ये छापेमारी शुक्रवार को सुबह से लेकर रात करीब 10.30 बजे तक चली। ईडी की टीम सुबह 9 बजे ही चंद्र नाथ सिन्हा के ठिकाने पर पहुँच गई थी। बताया जा रहा है कि चंद्र नाथ सिन्हा का मोबाइल फोन भी ईडी ने जब्त कर लिया है। इस छापेमारी के दौरान ही ईडी को 40 लाख की रकम भी मिली, जिसके स्रोत के बारे में सिन्हा कोई जानकारी नहीं दे पाए।

व्यापारी प्रसन्ना रॉय भी गिरफ्तार

इससे पहले, बुधवार (20 मार्च 2024) को टीएमसी से जुड़े बिजनेसमैन प्रसन्ना रॉय को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। प्रसन्ना से ईडी की टीम ने करीब 11 घंटों तक कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पूछताछ की थी और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रसन्ना पिछले साल भी गिरफ्तार हुए थे। तब सीबीआई ने प्रसन्ना की गिरफ्तारी की थी, जिसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। हालाँकि अब वो एक बार फिर से गिरफ्तार हो चुके हैं।

कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई जाँच

बता दें कि कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद ये जाँच शुरू हुई थी, जिसकी कमान ईडी और सीबीआई दोनों ही संभाल रही हैं। शिक्षक भर्ती घोटाले में अब तक कई नामी लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी भी शामिल हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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