Homeदेश-समाजमहाकुंभ आयोजन 1857 की क्रान्ति जैसा, यह बदलेगा देश की दिशा और दशा: लोकसभा...

महाकुंभ आयोजन 1857 की क्रान्ति जैसा, यह बदलेगा देश की दिशा और दशा: लोकसभा में बोले पीएम मोदी, कहा- परंपरा से जुड़ रही नई पीढ़ी

पीएम मोदी ने कहा, "पिछले वर्ष अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हम सभी ने यह महसूस किया था कि कैसे देश अगले 1000 वर्षों के लिए तैयार हो रहा है। इसके ठीक 1 साल बाद महाकुंभ के इस आयोजन ने हम सभी के इस विचार को और दृढ़ किया है।"

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि महाकुंभ भारत का विराट स्वरूप है। उन्होंने महाकुंभ में युवा पीढ़ी के बड़ी संख्या में शामिल होने पर प्रसन्नता जताई है। पीएम मोदी ने यह वक्तव्य लोकसभा में दिया है। वहाँ यह बजट सत्र के दौरान महाकुंभ के सफल समापन पर बोलने के लिए पहुँचे थे।

पीएम मोदी ने मंगलवार (18 मार्च, 2025) को लोकसभा में अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने महाकुंभ की तुलना भागीरथ के गंगा को जमीन पर लाने से की है। उन्होंने कहा कि यह जनता-जनार्दन का, जनता-जनार्दन के संकल्पों के लिए, जनता-जनार्दन की श्रद्धा से प्रेरित महाकुंभ था।

पीएम मोदी ने कहा, “पिछले वर्ष अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हम सभी ने यह महसूस किया था कि कैसे देश अगले 1000 वर्षों के लिए तैयार हो रहा है। इसके ठीक 1 साल बाद महाकुंभ के इस आयोजन ने हम सभी के इस विचार को और दृढ़ किया है। देश की यह सामूहिक चेतना देश का सामर्थ्य बताती है।”

पीएम मोदी ने कहा कि देश के इतिहास में कई ऐसे पल आए हैं, जिन्होंने इसे झकझोर कर रख दिया और नई दिशा दी। उन्होंने दांडी मार्च, वीर भगत सिंह की शहादत, नेताजी सुभाष का दिल्ली चलो और 1857 के संग्राम को ऐसे पल बताया और कहा कि अब महाकुंभ भी इसी सूची में जुड़ गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर प्रसन्नता जताई है कि इस आयोजन में बड़े पैमाने पर युवा शामिल हुए। उन्होंने कहा, ” पीढ़ी दर पीढ़ी हमारे संस्कारों के आगे बढ़ने का जो क्रम है, वह भी कितनी सहजता से आगे बढ़ रहा है। आप देखिए, जो हमारी मॉडर्न युवा पीढ़ी है, ये कितने श्रद्धा-भाव से महाकुंभ से जुड़े रहे, दूसरे उत्सवों से जुड़े रहे हैं।”

महाकुंभ में दिखी एकता की छवि को लेकर भी पीएम मोदी ने बात की है। उन्होंने कहा, “महाकुंभ में हमने देखा है कि वहां छोटे-बड़े का कोई भेद नहीं था, यह भारत का बहुत बड़ा सामर्थ्य है। यह दिखाता है कि एकता का अद्भुत तत्व हमारे भीतर रचा-बसा हुआ है।” पीएम मोदी का यह वक्तव्य आप नीचे लगे लिंक पर सुन सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा है कि महाकुंभ से हमें नदियाँ बचाने का सन्देश मिला है। उन्होंने कहा है कि नदियों पर संकट आ रहा है, ऐसे में नदी उत्सव मनाए जाने चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि अनेकता में एकता का प्रदर्शन महाकुंभ में किया है, वह आगे भी करेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -