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‘वनतारा’ की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बनाई SIT, 12 सितंबर तक देनी होगी रिपोर्ट: जानवरों की अवैध खरीद-फरोख्त और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप

आरोपों में जानवरों की अवैध खरीद, उनके साथ बुरा व्यवहार, वित्तीय अनियमितताएँ और मनी लॉन्ड्रिंग शामिल हैं। SIT को वन्यजीव नियमों, CITES, पशु देखभाल और पानी-कार्बन क्रेडिट दुरुपयोग की जाँच करनी है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 अगस्त 2025) को रिलायंस फाउंडेशन के स्वामित्व वाले वनतारा ग्रीन जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के खिलाफ लगे आरोपों की जाँच के लिए एक विशेष जाँच टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह SIT सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस चेलमेश्वर के नेतृत्व में काम करेगी। टीम में तीन अन्य सदस्यों में उत्तराखंड और तेलंगाना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य जज जस्टिस राघवेंद्र चौहान, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले, और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी आनंद गुप्ता शामिल हैं।

क्या है मामला और कोर्ट ने क्या दिया आदेश?

यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पंकज मित्थल और प्रसन्ना बी वरले की बेंच ने कुछ याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया, जिनमें वनतारा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जैसे, भारत और विदेश से अवैध तरीके से जानवरों खासकर हाथियों को लाना, जानवरों के साथ बुरा व्यवहार इसके अलावा वित्तीय अनियमितताएँ और मनी लॉन्ड्रिंग।

कोर्ट ने माना है कि याचिकाएँ मुख्यतः समाचार रिपोर्ट्स, सोशल मीडिया पोस्ट्स और NGOs की शिकायतों पर आधारित थीं और उनके पास अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं। लेकिन चूँकि आरोप सरकार के कुछ विभागों जैसे सेंट्रल जू अथॉरिटी और CITES (वन्यजीवों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर संधि) से भी जुड़े हैं, इसलिए कोर्ट ने निष्पक्ष जाँच को जरूरी समझा है।

SIT को जिन बिंदुओं की जाँच करनी है, उनमें शामिल है:

1. भारत और विदेश से, खासकर हाथियों की खरीद की प्रक्रिया।

2. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 और जू के नियमों का पालन।

3. CITES और अन्य आयात/निर्यात नियमों का पालन।

4. पशुपालन, पशु चिकित्सा, जानवरों की देखभाल के मानदंड, मृत्यु दर और उसके कारण।

5. औद्योगिक क्षेत्र के पास होने और मौसम की स्थिति से जुड़े आरोप।

6. निजी संग्रह/शौक के लिए जानवरों का इस्तेमाल, संरक्षण और जैव विविधता से जुड़े आरोप।

7. पानी और कार्बन क्रेडिट के दुरुपयोग की शिकायतें।

8. वन्यजीवों की तस्करी, जानवरों/उनके अंगों के व्यापार, कानूनों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतें।

9. वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी शिकायतें।

10. याचिकाओं में दिए गए अन्य सभी मुद्दे।

कोर्ट ने केंद्र सरकार, गुजरात सरकार, पर्यावरण मंत्रालय, सेंट्रल जू अथॉरिटी और CITES प्रबंधन प्राधिकरण को SIT को पूरा सहयोग देने का आदेश दिया है।

SIT को वनतारा सेंटर का भौतिक निरीक्षण भी करना होगा और पूरी जाँच के बाद अपनी रिपोर्ट 12 सितंबर 2025 तक सुप्रीम कोर्ट में जमा करनी होगी। वहीं अगली सुनवाई 15 सितंबर 2025 को होगी।

बता दें कि यह जाँच केवल तथ्यों की जाँच के लिए है, जिससे कोर्ट को सच्चाई पता चले और आगे उचित आदेश दिया जा सके। कोर्ट ने अभी तक लगाए गए आरोपों को सही या गलत नहीं माना है।

3 हजार एकड़ में फैला प्राकृतिक इकोसिस्टम ‘वनतारा’

वनतारा सेंटर की स्थापना मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने की थी और यह रिलायंस फाउंडेशन की एक पहल है। इसका उद्देश्य जानवरों को बचाना, उनकी देखभाल करना और पुनर्वास देना है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर और मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने 26 फरवरी 2024 को अपने खास प्रोजेक्ट ‘वनतारा (जंगल के सितारे)’ की सार्वजनिक घोषणा की थी। यह प्रोजेक्ट गुजरात के जामनगर में बनाया गया है और इसका उद्देश्य जानवरों का बचाव और पुनर्वास करना है।

वनतारा एक प्राकृतिक इकोसिस्टम है जो करीब 3000 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें से 600 एकड़ सिर्फ हाथियों के लिए बनाया गया है। यहाँ पर अब तक 200 से ज्यादा हाथियों को देश के अलग-अलग हिस्सों से लाकर बसाया गया है। इसके अलावा 43 प्रजातियों के 2000 से अधिक जानवर यहाँ रह रहे हैं, जिनमें 300 से ज्यादा तेंदुए, शेर, बाघ और 300 से अधिक शाकाहारी जानवर शामिल हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए अनंत अंबानी ने बताया था कि उन्होंने कोविड महामारी के दौरान जानवरों को बचाने का काम शुरू किया था। उन्हें जानवरों की सेवा करने की प्रेरणा बचपन में उनके माता-पिता से मिली।

इसे बनाने और जानवरों की सेवा को लेकर अनंत ने कहा था कि जानवरों की सेवा करना भगवान की सेवा के बराबर है, क्योंकि हिंदू धर्म में जानवरों को देवताओं से जोड़ा गया है, जैसे माता दुर्गा का वाहन शेर, लक्ष्मी माता का उल्लू, सरस्वती माता का मोर और श्रीकृष्ण का जुड़ाव गाय-बछड़ों से है।

यहाँ पर एक आधुनिक पशु चिकित्सालय भी बनाया गया है, जिसमें MRI और CT स्कैन मशीनें, एंडोस्कोपिक रोबोटिक सर्जरी तकनीक, 6 सर्जरी सेंटर और कृत्रिम अंग लगाने की सुविधाएँ मौजूद हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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