उत्तर प्रदेश के शामली जिले से धर्म परिवर्तन और ‘जिम जिहाद’ का मामला सामने आया है। यहाँ जिम ट्रेनर चाँदनी कुरैशी ने करोड़पति दवा कारोबारी के 27 साल के बेटे को ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन करवा दिया। जाट परिवार से ताल्लुक रखने वाले युवक आयुष मलिक को मुस्लिम बना दिया गया। उसका नाम बदलकर रहमान रख दिया और हुलिया भी मुस्लिम जैसा करवा दिया गया। अब आयुष की दाढ़ी बढ़ी हुई है, वह सफेद टोपी पहनने लगा है। आसपास के लोगों का कहना है कि अब वह नमाज अदा भी करता है।
इस मामले में आयुष के पिता दवा कारोबारी देवराज मलिक ने पुलिस से शिकायत की है। शिकायत में बताया कि पिछले 5 साल से लगातार आयुष से चाँदनी और उसका परिवार भी आयुष से मोटी रकम हड़प चुका है, इसी पैसों से वो अपना घर भी बनवा चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साजिश के तहत कारोबारी के बेटे आयुष को फँसाया गया है, इसके पीछे पाकिस्तानी कनेक्शन भी सामने आया है। मामले का खुलासा बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज के वीडियो के बाद हुआ है।
स्वामी यशवीर महाराज की वीडियो के बाद हिंदू संगठन ने विरोध शुरू किया। हिंदू संगठन ने दवा कारोबारी देवराज मलिक के घर जाकर मामले का संज्ञान लिया। इस पर देवराज मलिक ने बताया कि उनका परिवार सनातनी है और हिंदू रीति-रिवाज ही मानता है। उन्होंने बताया कि लेकिन उनके बेटे को जिम ट्रेनर चाँदनी ने फँसाकर मुस्लिम बना दिया है। फिर हिंदू संगठन की सहायता से उन्होंने शनिवार (06 जून 2026) को पुलिस थाने में 3 मौलवियों समेत 10 लोगों पर FIR दर्ज करवाई। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है।
जिम में कारोबारी के बेटे को साजिश के तहत प्रेमजाल में फँसाया
यह मामला शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र का है। यहाँ दयानंद नगर में रहने वाले दवा कारोबारी और जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज मलिक अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में एक बेटी की शादी नोएडा में हुई है। वहीं 27 साल के इकलौते बेटे आयुष मलिक ने ‘बी-फार्मा’ की पढ़ाई कर अपना मेडिकल स्टोर चलाता है।
पाँच साल पहले आयुष ने ‘कुरैशी प्लस’ जिम जाना शुरू किया। इसी जिम में कुरैशी बस्ती की रहने वाली 25 साल की चाँदनी कुरैशी ट्रेनर है। आयुष के पिता देवराज ने FIR में बताया कि चाँदनी ने साजिश के तहत उनके बेटे को प्रेमजाल में फँसाया और फिर धर्म परिवर्तन के लिए ब्रेनवॉश किया। पिता ने कहा कि बेटे को मुस्लिम बनने के लिए मजबूर किया गया।
फर्जी निकाहनामा दिखाकर कारोबारी के बेटे से मोटी रकम हड़पी
आयुष के पिता का आरोप है कि करीब 4 साल पहले चाँदनी और उसके परिवार ने चोरी-छिपे आयुष से निकाहनामा पढ़वा लिया था। इसके बाद आयुष का नाम बदलकर ‘रहमान’ रख दिया गया। पिता देवराज ने इस निकाहनामे को फर्जी बताया है और कहा कि इसे दिखाकर आरोपितों ने उनके बेटे से मोटी रकम हड़पी है और ब्लैकमेल कर अपनी बातें मनवाई हैं।

पिता ने आरोप लगाया कि चाँदनी और उसका परिवार पिछले 5 सालों से उनके बेटे की कमाई ऐंठ रहे हैं और उस पैसे से अपना घर भी बना चुके हैं। पिता का कहना है कि बेटे के पैसों से चाँदनी और उसका परिवार ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे हैं।
दाढ़ी बढ़वाई और सफेद टोपी पहनी, आयुष ने रखा रहमान वाला हुलिया
पिछले 6 महीनों से आयुष का रहन-सहन ‘रहमान’ जैसा हो गया है। वह मुस्लिम तौर-तरीकों को मानने लगा है। यहाँ तक कि वह अपना हुलिया भी मुस्लिम की तरह बना चुका है। आयुष ने दाढ़ी बढ़वा ली है। उसको सफेद टोपी और कुर्ता-पायजमा पहनकर देखा गया है। इसी हुलिये में वह मेडिकल स्टोर पर बैठता है।
आयुष की एक तस्वीर भी सामने आई है। इसमें वह मस्जिद में नमाज पढ़ते नजर आ रहा है। मेडिकल स्टोर की भी एक तस्वीर देखी गई है, जिसमें वह सफेद टोपी और कुर्ता-पायजामा पहने हुए हैं। आयुष के बदलते व्यवहार से परिजन परेशान हैं। आयुष के पिता ने कहा है कि बेटे को मानसिक रूप से प्रभावित किया गया है।
धर्म परिवर्तन के मामले में ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’
पुलिस की जाँच में पूरे मामले का पाकिस्तानी कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आयुष का ब्रेनवॉश करने के लिए उसे इस्लामी कट्टरपंथ से जोड़ा गया था। उसके मोबाइल पर कट्टरपंथी वक्ता डॉ. इसरार अहमद के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब कराया गया था। आयुष को लगातार डॉ. इसरार अहमद का कट्टरपंथी जहर सुनाया जाता था, जिससे उसकी सोच इस्लाम के प्रति प्रभावित होने लगी।
आयुष के कारोबारी पिता ने बाहरी सहायता के लगाए आरोप, संपत्ति हड़पने की जताई चिंता
कारोबारी पिता ने यह भी कहा कि आरोपितों ने आयुष के साथ-साथ उनके परिवार के अन्य सदस्यों का भी धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया। पुलिस से शिकायत में पिता ने चिंता जताई है कि भविष्य में आरोपितों द्वारा उनकी संपत्तियों पर कब्जा किया जा सकता है। इतना ही पिता ने आरोप लगाया कि उन्हें इन इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा जान से मारने की धमकियाँ दी गईं इसीलिए उन्हें और उनके परिवार को जान का भी खतरा बना हुआ है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चाँदनी और उसका परिवार अकेला नहीं है। इस हरकत में पूरा नेटवर्क जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें बाहरी लोगों से सहायता मिल रही है। हालाँकि, कारोबारी पिता ने किसी भी अन्य संगठन का नाम नहीं लिया है। पुलिस से शिकायत करते हुए पिता ने आरोपितों से सुरक्षा और सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की है।
3 मौलवियों समेत 10 लोगों के खिलाफ FIR
आपबीती सुनाते हुए कारोबारी देवराज मलिक ने मुस्लिम बन चुके बेटे आयुष के लिए न्याय की माँग की है। इसी के साथ उन्होंने काजीवाड़ा मोहल्ले की रहने वाली जिम ट्रेनर चाँदनी कुरैशी, उसकी बहन राहिल कुरैशी, सुमाईला कुरैशी, राबिया कुरैशी, भाई आस मोहम्मद, हुमा कुरैशी, उसके अब्बा इस्लाम कुरैशी, मौलवी सलीम, मुनव्वर और एक अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है।

पिता ने कहा कि वह सनातनी हैं और उनका पूरा परिवार हिंदू धर्म ही मानता है। उनका कहना है कि वे रोजाना हनुमान मंदिर में पूजा करने भी जाते हैं। लेकिन इन लोगों ने उनके बेटे आयुष को बहला-फुसलाकर मुस्लिम बना दिया और अब इन लोगों के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की माँग की है।
पुलिस ने नामजद लोगों के खिलाफ धर्मांतरण, धोखाधड़ी, जालसाजी, जबरन वसूली, संगठित अपराध, आपराधिक धमकी के आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4), 336(3), 338, 61(2), 351(3), 308(5),3, 5(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने चाँदनी और उसके अब्बा इस्लाम कुरैशी को भेजा जेल
पूरे मामले में शामली के पुलिस अधीक्षक (SP) एनपी सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर धर्मांतरण, अवैध वसूली और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित चाँदनी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ने बताया कि इस साजिश में आजाद चौक स्थित कादियां मस्जिद के पास के मौलवी मुनव्वर और अज्ञात की भूमिका की भी जाँच की जा रही है। फिलहाल चाँदनी का भाई और बहन फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए एसपी ने SIT का गठन किया है।
स्वामी महाराज ने उठाया था पूरा विवाद
यह पूरा मामला बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज के वीडियो के बाद सामने आया है। कुछ दिनों पहले स्वामी यशवीर महाराज ने वीडियो जारी कर चिंता जताई थी कि मेडिकल स्टोर संचालक आयुष मलिक को मुस्लिम युवती चाँदनी कुरैशी ने फँसा लिया है, और उनकी मुस्लिम पहचान बना दी है।
तब स्वामी महाराज ने आरोप लगाया कि युवक का धर्मांतरण दबाव में कराया गया और इस पूरे प्रकरण में शामिल लोगों की भूमिका की जाँच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि युवक के माता-पिता के धर्मांतरण की सूचनाएँ भी उन्हें मिली हैं। हालाँकि, FIR में आयुष के पिता ने साफ कर दिया कि उनका पूरा परिवार सनातनी है।
स्वामी यशवीर महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार और शामली पुलिस प्रशासन से मामले की जाँच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को लेकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद हिंदू संगठन ने इसका विरोध किया और फिर आयुष के पिता ने पुलिस थाने में जाकर FIR दर्ज करवाई।


