अल-नीनो को चकमा देते हुए मॉनसून अंततः भारत में दस्तक दे चुका है। चाय-पकौड़ों का मौसम आने लगा है। इधर कई राज्यों में बरसात होने लगी है। वहीं, अमेरिकी महाद्वीप में गोलों की बौछार जारी है। बरसात के चलते गोवा में मछली पकड़ने पर रोक लगने लगी है। मछुआरे अपनी नावें तटों पर बांध चुके हैं। तमाम छोटे-बड़े बारों में बीयर लिए दिन भर की थकान मिटाते लोग हैं। उनके बीच चर्चा का विषय है – फीफा विश्व कप। वहीं, केरल में लोगों ने सड़कों पर मेसी, नेमार व रोनाल्डो के आदमकद पोस्टर लगाए हैं। चारों तरफ विभिन्न टीमों की जर्सियां पहने लोग हैं। लोगों ने अपने वाहनों व मकानों को अपनी पसंदीदा टीम के रंग में रंग लिया है। क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग; फीफा फीवर सभी के सिर चढ़कर बोल रहा है।
गुजरे दो हफ्तों में हर तरफ बस फीफा विश्व कप के ही किस्से गूंज रहे हैं। जैसे-जैसे विश्व कप आगे बढ़ता जा रहा है, माहौल और भी मजेदार होता जा रहा है। पहले तो हमें ग्रुप चरण के अंतिम छह मुकाबले देखने को मिले। फिर, बीती रात, Round of 32 का पहला मुकाबला खेला गया।
ग्रुप एल के अंतिम दो मैच खेले जाने थे। पहले मैच में इंग्लैंड ने ज्यूड बेलिंघम व हैरी केन के गोलों की मदद से पनामा को 2-0 से हराया। अगला मुकाबला फिलाडेल्फिया में क्रोएशिया व घाना के मध्य खेला जाना था। इस शानदार मैच में 2-1 से क्रोएशियाई टीम की जीत होती है। इन परिणामों के आधार पर इंग्लैंड, क्रोएशिया व घाना अगले दौर में जगह बनाने में सफल हो जाते हैं।
वहीं, ग्रुप के के अंतिम दो मैच भी खेले गए। पहले मैच में मियामी के मैदान में पुर्तगाल की टीम का सामना कोलंबिया से था। यहां, सभी को चौंकाते हुए कोलंबिया ने पुर्तगाल के खिलाफ काफी बढ़िया फुटबॉल खेली। हालांकि मैच ड्रॉ रहा, परन्तु कोलंबिया इस मुकाबले में लगभग हर मामले में पुर्तगाल पर भारी नजर आया। पुर्तगाली टीम, जो टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी, अब तक आशा के अनुरूप प्रदर्शन करती नजर आई नहीं है। उन्हें ट्रॉफी जीतने के लिए आगे काफी मशक्कत करनी होगी। गौरतलब है कि अपने ग्रुप में पुर्तगाली टीम, कोलंबिया के ठीक पीछे, दूसरे स्थान पर रही। इस ग्रुप का अगला मैच DR CONGO व उज़्बेकिस्तान के बीच खेला गया। यहां योआन विस्सा के दो बेहतरीन गोलों की बदौलत DR CONGO, मैच में वापसी करते हुए, उज़्बेकिस्तान को 3-1 से हरा कर अगले दौर में जगह बनाने में सफल रहा। इस ग्रुप से कोलंबिया, पुर्तगाल व DR CONGO अगले दौर में जगह बनाने में सफल रहे।
अंततः, ग्रुप जे के दो अंतिम मैच खेले गए। इस ग्रुप के पहले मैच में अल्जीरिया का सामना ऑस्ट्रिया से था। यह बेहद ही हाई वोल्टेज ड्रामा वाला मैच रहा, जिसमें नब्बे मिनटों में दोनों टीमों द्वारा कुल छह गोल दागे गए। यह मैच 3-3 से ड्रॉ रहा। आगे, अगले मैच में, डल्लास स्टेडियम में अर्जेंटीना की टीम जॉर्डन के खिलाफ मैदान में उतरी। क्योंकि अर्जेंटीना पहले ही अगले दौर में जगह बना चुकी है, इसलिए इस मैच में कोच लियोनेल स्कालोनी ने अपनी स्टार्टिंग लाइन-अप में सात-आठ परिवर्तन किए थे। लियोनेल मेसी को भी मैच के शुरू होते वक्त बेंच पर ही रखा गया था। इसके बावजूद अर्जेंटीना यह मैच 3-1 से जीत गया। लियोनेल मेसी विश्व कप में लगातार सात मैचों में गोल करने वाले इकलौते खिलाड़ी बन गए। इस शानदार जीत के संग पिछले विश्व कप की विजेता अर्जेंटीनी टीम ने भी अगले दौर में जगह बना ली। इस ग्रुप से अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया व अल्जीरिया अगले दौर में जगह बनाने में सफल रहे।
गौरतलब है कि अफ्रीकी महाद्वीप की दस में से नौ टीमें Round of 32 में जगह बनाने में सफल रहीं। ग्रुप स्टेज में एक ओर कई मुकाबले ड्रॉ होते दिखे तो वहीं दूसरी ओर कई हाई स्कोरिंग मुकाबले भी हुए। इस टूर्नामेंट की अब तक की खासियत यह रही कि कमोबेश छोटी टीमों ने अपने खेल के बूते तमाम खेलप्रेमियों का दिल जीत लिया। कई नए और अपेक्षाकृत कम चर्चित खिलाड़ियों ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। इक्वाडोर का जर्मनी को हरा देना। Cape Verde का एक कठिन ग्रुप से भी अगले दौर में जगह बना लेना। यह सब लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
आगे, आज रात (भारतीय समयानुसार रात साढ़े बारह बजे) Round of 32 का पहला मुकाबला खेला गया। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में मेजबान राष्ट्रों में शुमार कनाडा का मुकाबला था दक्षिण अफ्रीका की टीम से। इस मैच में गेंद ज्यादातर अपने पास रखते हुए भी दक्षिण अफ्रीका कुछ खास कर न सकी। उन्होंने कनाडा के गोलपोस्ट पर छह बार आक्रमण किया, लेकिन केवल दो ही प्रयास निशाने पर रहे और दोनों को कीपर ने शानदार तरीके से रोक दिया। कनाडाई टीम ने आक्रामक फुटबॉल खेलते हुए चौदह दफा विरोधी गोलपोस्ट पर शॉट लगाए, जिनमें से सात निशाने पर रहे। लेकिन नब्बे मिनटों में भी कोई टीम गोल नहीं कर सकी थी। कनाडा ने मैच की शुरुआत से ही कई बार गोल करने के अवसर बनाए, मगर दक्षिण अफ्रीकी कप्तान, जो कि टीम के गोलकीपर हैं, ने कई शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम को मैच में बनाए रखा। दूसरे हाफ में उन्होंने एक शानदार वन-ऑन-वन सेव भी किया। उनकी रक्षापंक्ति ने भी आज काफी बढ़िया रक्षात्मक खेल दिखाया।
एक वक्त तो ऐसा प्रतीत हो रहा था कि नॉकआउट चरण का पहला ही मैच एक्स्ट्रा टाइम तक चला जाएगा। सभी की उत्सुकता बढ़ती जा रही थी। लेकिन तभी, मैच के 90+2 मिनट पर कनाडा की टीम मैदान की दाईं दिशा से गेंद को लेकर आगे बढ़ती दिखी। अंदर की दिशा में एक क्रॉस डाला गया जिस पर एक दफा फिर दक्षिण अफ्रीका ने अच्छा बचाव किया। गेंद दक्षिण अफ्रीकी “डी” के बाहर की ओर गई। लेकिन तभी, कनाडाई मिडफील्डर स्टीफन एस्ताक्वियो ने मौका पाते ही एक जोरदार राइट फुटर किक लगा कर गेंद को गोलपोस्ट के भीतर भेज दिया।
इस गोल के साथ लॉस एंजिलिस से लेकर ओटावा तक खुशियों की लहर सी दौड़ गई। कनाडाई समर्थकों की खुशी का ठिकाना न रहा। कनाडा यह मैच 1-0 से जीत कर अगले दौर में चली गई। यह पहली दफा है जब कनाडा ने नॉकआउट चरण का मैच जीत लिया है। दक्षिण अफ्रीका की टीम अच्छा खेल दिखा कर भी आज टूर्नामेंट से वापसी करने को मजबूर हो गई।
अब, आज, भारतीय समयानुसार रात साढ़े दस बजे, Round of 32 का अगला मैच खेला जाएगा। आज ह्यूस्टन स्टेडियम में अपनी पारंपरिक पीली जर्सी पहने सेलेकाओ के खिलाड़ी समुराई ब्लूज़ से दो-दो हाथ करते नजर आएंगे। मकसद होगा यह मैच जीत कर सफलतापूर्वक अगले दौर में जगह बनाना। दोनों ही टीमें आज रात मैदान में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देंगी।
एकतरफ पांच बार की विजेता ब्राजील है, जो सदैव खिताब के दावेदारों में शामिल होती है, वहीं दूसरी ओर जापान रूपी एशियाई तूफान होगा, जिसको आप हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकते। जापान की टीम एक बार फिर चाहेगी कि दाईची कमाडा व अयासे ऊएडा, जो अब तक टूर्नामेंट में उनके टॉप स्कोरर रहे हैं, जल्द से जल्द उन्हें इस मैच में जरूरी बढ़त दिला दें ताकि ब्राजील पर दबाव बनाया जा सके। लेकिन विनीसीयस व माथियूस कुन्हा भी गजब फॉर्म में हैं। सो, ब्राजील भी चाहेगा कि तुरंत गोल कर के मैच को अपनी दिशा में मोड़ लिया जाए। यह एक ऐसा मुकाबला होगा जिसमें अंतिम व्हिस्ल बजने तक रोमांच अपने चरम पर रहने की पूरी उम्मीद है। यहां अंतिम व्हिस्ल बजने तक एक घमासान युद्ध होगा। मनोरंजन होना गारंटीड है।
आगे, आज रात भारतीय समयानुसार रात दो बजे, जर्मनी अपने नॉकआउट चरण का पहला मैच खेलने पेराग्वे के विरुद्ध बोस्टन स्टेडियम में उतरेगी। सन् 2014 में जर्मनी ने अर्जेंटीना को हराकर ट्रॉफी जीती थी। उसके बाद यह पहली दफा होगा कि जर्मन टीम नॉकआउट चरण का कोई मैच खेलेगी। पेराग्वे अपने इतिहास में कुल पांच बार नॉकआउट चरण में पहुंचा है, परन्तु अब तक वह नॉकआउट चरण में गोल स्कोर करने में नाकाम रहे हैं। वह निश्चित ही आज रात इस दाग को मिटाने का प्रयास करेंगे। ग्रुप स्टेज के अंतिम मैच में मिली हार को भुलाकर जर्मनी, बोस्टन में खेले जाने वाले इस मैच में, एक बड़ी जीत से सभी को सचेत करना चाहेगी कि उन्हें हल्के में लेने की भूल न की जाए।
आगे, कल सवेरे भारतीय समयानुसार साढ़े छह बजे, नीदरलैंड्स का सामना होगा एटलस लायंस से। नीदरलैंड्स व मोरक्को दोनों ही टीमों ने ग्रुप चरण में अच्छे खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने ग्रुप में सात-सात अंक हासिल किए थे। मोरक्को ने पिछली दफा बेल्जियम, स्पेन व पुर्तगाल को हराते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। वहीं, डच टीम भी इस दफा फिर अच्छी फुटबॉल खेलती नजर आई है। मेक्सिको में कल जरूर एक बेहद जबरदस्त मैच होना तय है।
इस दफा पहली बार टूर्नामेंट के इतिहास में, 48 टीमें होने के चलते, Round of 32 खेला जा रहा है। और, इस राउंड में कई रोचक मुकाबले खेले जाने वाले हैं। नीदरलैंड्स और मोरक्को के बीच होने वाला यह मुकाबला भी उन्हीं में से एक होगा। दोनों ही टीमें जीत के लिए लालायित हैं। दोनों ही टीमें अंतिम क्षणों तक जीत के लिए प्रयासरत रहेंगी। ब्राजील बनाम जापान के साथ-साथ फुटबॉल प्रेमियों की नजरें इस मुकाबले पर भी टिकी रहेंगी।
अब तो हर मैच ही रोचक होगा। अब तो हर मैच में कुछ भी हो सकता है। एक अच्छा दिन किसी भी टीम की किस्मत बना या बिगाड़ सकता है। अब, लगातार बेहतरीन फुटबॉल देखने को मिलेगी। बने रहिए साथ, क्योंकि……..the party has just begun!


