Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयचीन दफनाने की जगह क्यों जलाएगा Corona Virus से मरने वालों को?

चीन दफनाने की जगह क्यों जलाएगा Corona Virus से मरने वालों को?

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने जब यह नोटिस जारी किया और ट्विटर पर लोगों को इसके बारे में पता चला तो सनातन धर्म में शवों को जलाने और इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों के बारे में लोग लिखने लगे।

चीन में सैकड़ों लोगों की जान लेने वाले वायरस से चिंतित वहाँ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में आयोग ने कहा है कि Coronavirus की चपेट में आने वाले लोगों का (जो इस बीमारी के कारण मारे गए हैं) पास में ही अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए। इसे लेकर आयोग ने कई तरह के दिशा-निर्देश जारी किए।

चाइना डेली न्यूज़ के मुताबिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने शनिवार को यह बयान जारी किया। इसमें स्पष्ट निर्देश है कि इस जानलेवा वायरस के कारण मारे गए लोगों को दफनाने की जगह उन्हें जलाया जाना चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया कि मृत लोगों को बहुत दूर ले जाने से संक्रमण के बढ़ने और फैलने की आशंका है, इसलिए जहाँ जिनकी मृत्यु हुई है, उनका नजदीक ही अंतिम संस्कार (जला देना) किया जाना चाहिए।

अपनी वेबसाइट पर जारी किए गए नोटिस में आयोग ने कहा है कि वायरस से मृत लोगों के शवों को दफनाया नहीं जाना जाहिए और न ही इनके शवों को किसी भी प्रकार से सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

आयोग ने चेताया है कि मृत लोगों के अंतिम संस्कार के समय किसी भी प्रकार के आयोजन की आवश्यकता नहीं है। इन सभी सावधानियों को बरतने के साथ वायरस की चपेट में आने वाले मृत लोगों के शवों को चिकित्सा टीम की देखरेख के लिए रखा जाना चाहिए।

आयोग द्वारा यह नोटिस ऐसे समय में जारी किया गया है कि जब कोरोना वायरस चीन से निकल कर विश्व के दूसरे देशों में भी अपने पैर फैला रहा है। चीन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने जब यह नोटिस जारी किया और ट्विटर पर लोगों को इसके बारे में पता चला तो सनातन धर्म में शवों को जलाने और इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों के बारे में लोग लिखने लगे।

‘शर्म करो पाकिस्तान, सीखो भारत से कुछ सीखो’ – Pak छात्रों ने खुलेआम इमरान सरकार को क्यों कोसा?

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -