Homeराजनीतिराजीव-सोनिया के प्रस्तावक के बेटे कॉन्ग्रेस की 'गद्दारी' से दुखी, राहुल के खिलाफ लड़ेंगे...

राजीव-सोनिया के प्रस्तावक के बेटे कॉन्ग्रेस की ‘गद्दारी’ से दुखी, राहुल के खिलाफ लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

"कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से अमेठी के विकास को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की गईं, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ। अमेठी की धरती पर आकर देखा जा सकता है कि ये कितना पिछड़ा हुआ है।"

लोकसभा चुनाव 2019 के जरिए सत्ता में वापसी की राह देख रहे कॉन्ग्रेस को उनके ही गढ़ अमेठी में तगड़ा झटका लगा है। पीढ़ियों से कॉन्ग्रेस के वफादार रहे हाजी मोहम्मद हारून राशीद ने सोमवार (मार्च 25) को पार्टी नेतृत्व को ये घोषणा करते हुए चौंका दिया कि वह अमेठी से राहुल गाँधी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि हाजी मोहम्मद हारून राशीद के पिता हाजी सुल्तान खान जिले में कॉन्ग्रेस के बड़े नेता माने जाते हैं। सुल्तान अमेठी निर्वाचन क्षेत्र से राजीव गाँधी और सोनिया गाँधी के नामांकन के दौरान प्रस्तावकों में से एक रहे हैं। राशीद के पिता ने साल 1991 में राजीव गाँधी और 1999 के लोकसभा में सोनिया गाँधी के नामांकन पत्र पर बतौर प्रस्तावक हस्ताक्षर किया था।

हारून राशीद का कहना है कि वो कॉन्ग्रेस पार्टी में खुद को साइडलाइन महसूस कर रहे थे और स्थानीय नेतृत्व की वजह से अब पूरा समुदाय उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने बताया कि चुनाव में उतरने के पीछे अमेठी में विकास का ना होना है। राशीद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से अमेठी के विकास को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की गईं, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ। अमेठी की धरती पर आकर देखा जा सकता है कि ये कितना पिछड़ा हुआ है। इसके साथ ही राशीद ने कहा कि उन्होंने 70 साल से अधिक समय तक कॉन्ग्रेस को अपना समर्थन दिया, मगर अब उन्हें एहसास हो रहा है कि पार्टी अमेठी में विकास ही नहीं करना चाहती है। इसलिए उन्होंने अमेठी के बेहतर भविष्य के लिए राहुल गाँधी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

हारून का दावा है कि अमेठी में 6.5 लाख अल्पसंख्यक मतदाता हैं और वह सभी कॉन्ग्रेस के खिलाफ वोट करेंगे। गौरतलब है कि अमेठी में राहुल गाँधी को इस बार भाजपा की उम्मीदवार स्मृति ईरानी से कड़ी टक्कर मिल रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राम-कृष्ण-शिव भी हैं, लेकिन सबसे ऊपर स्वामीनारायण: समझिए- BAPS की शुरुआत से बड़ा बनने की पूरी कहानी

BAPS के मंदिरों में राम, कृष्ण, शिव, पार्वती, गणेश और हनुमान की मूर्तियाँ भी होती हैं लेकिन वो सब मूर्तियाँ स्वामी स्वामीनारायण से छोटी होती हैं। आखिर क्या है इनकी मान्यता?

EC में कैसे आए 3 कमिश्नर? जब राजीव गांधी से भिड़े CEC शास्त्री, तो बदल दिया गया चुनाव आयोग का पूरा गेम

चुनाव आयोग में तीन कमिश्नर्स की व्यवस्था कैसे शुरू हुई? राजीव गाँधी, आरवीएस शास्त्री और टीएन शेषन से जुड़ी पूरी कहानी समझिए।
- विज्ञापन -