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NDTV ही है असली ‘गोदी मीडिया’… कॉन्ग्रेस ने आज डिक्लियर कर दिया: सोशल मीडिया पर लोग माँग रहे सफाई

कॉन्ग्रेसी नेता से लेकर कॉन्ग्रेसी खेमे के तथाकथित पत्रकार लोग भी NDTV पर टूट पड़े। जो अब तक BJP को घेरने के लिए गोदी मीडिया जैसे विशेषणों का प्रयोग करते थे, खुद उनके माथे पर उनके ही समर्थक 'गोदी मीडिया' गोद गए।

कॉन्ग्रेस पार्टी की मीटिंग हुई। आंतरिक लोकतंत्र के लिए। मीटिंग में युवा राहुल गाँधी ने कह दिया कि जो लोग लेटरबाजी कर रहे थे वो सब BJP से मिले हुए हैं। युवा पूर्व अध्यक्ष की बात पर वरिष्ठ नेता लोग भड़क गए। कपिल सिब्बल ने बात सार्वजनिक कर दी। गुलाम नबी आजाद ने तो इस्तीफे की ही पेशकश कर दी।

देश की सबसे पुरानी पार्टी में इतनी उठा-पटक हो और समाचार चैनल वाले बैठे रहें, यह संभव नहीं। NDTV भी बैठा नहीं रह पाया। हालाँकि कॉन्ग्रेस के मामले में पहले वो फूँक-फूक कर कदम रखता था, आज स्लिप कर गया। स्लिप कर गया तो खामियाजा भी उठाना पड़ा।

NDTV ने एक ट्वीट किया, सूत्रों के हवाले से। पहले ये ट्वीट देखिए।

यह ट्वीट पत्रकारिता के एकमात्र स्तंभ NDTV के गले की फाँस बन गया। कॉन्ग्रेसी नेता से लेकर कॉन्ग्रेसी खेमे के तथाकथित पत्रकार लोग भी NDTV पर टूट पड़े। जो अब तक BJP को घेरने के लिए गोदी मीडिया जैसे विशेषणों का प्रयोग करते थे, खुद उनके माथे पर उनके ही समर्थक ‘गोदी मीडिया’ गोद गए।

कॉन्ग्रेस के नेता तक NDTV को फेक न्यूज फैलाने वाला सोर्स बताने लगे।

फिर कूदे तथाकथित पत्रकार, जो अब तक NDTV के साथ मिलकर गोदी मीडिया-गोदी मीडिया खेल रहे थे। एक दिन भी बर्दाश्त नहीं कर सके गाँधी-भक्ति के खिलाफ, जो सुबह-शाम भक्त की माला जप कर दूसरों को संबोधित करते हैं।

चोट दिल पर लगी है, बड़ी जोर लगी है। इसलिए एक कॉन्ग्रेसी ने तो NDTV को गोदी मीडिया कहने से ही इनकार कर दिया। उसने नया नाम दिया है – झाड़ू मीडिया।

गाँधी जैसे मिलते-जुलते नाम वाले पाँधी ने तो कमाल ही कर दिया। परोक्ष रूप से उन्होंने NDTV पर बिकाऊ होने का आरोप तक लगा डाला।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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