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विस्फोटक भरी स्कॉर्पियो चोरी नहीं हुई, सचिन वाजे करते थे इस्तेमाल; ड्राइवर पुलिस फोर्स में तैनात: एंटीलिया मामले में बड़ा खुलासा

वाजे की सोसाइटी का जो सीसीटीवी फुटेज गायब हुआ था, वो किसी और ने नहीं बल्कि दागी पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने ही गायब किया था।

एंटीलिया बम मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। टीवी 9 मराठी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एंटीलिया के बाहर मिली विस्फोटक से लदी स्कॉर्पियो कार कभी चोरी नहीं हुई, बल्कि सहायक पुलिस अधिकारी सचिन वाजे द्वारा इस्तेमाल की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, कार चोरी नहीं हुई थी बल्कि सचिन वाजे द्वारा इस्तेमाल की जा रही थी। मराठी वर्नाक्यूलर मीडिया आउटलेट के हवाले से सूत्रों ने बताया कि कार का इस्तेमाल वाजे ने किया था, और उसने हिरेन को चोरी होने की झूठी शिकायत दर्ज करने के लिए कहा था। एनआईए का मानना है कि कार के मालिक पर अपनी लापता कार के बारे में शिकायत दर्ज करने के लिए दबाव डाला गया था। स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन ने विक्रोली पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

यह भी बताया जा रहा है कि वाजे फर्जी नंबर प्लेट बनाने के लिए एक स्थानीय दुकान में गया था। उन्होंने दो कारों- स्कॉर्पियो और इनोवा के लिए फर्जी नंबर प्लेट्स बनाईं, जो कि अंबानी निवास के बाहर पाई गईं। सूत्रों ने बताया कि स्कॉर्पियो को स्कूटर की नंबर प्लेट के साथ लगाया गया था।

जानकारी के मुताबिक अंबानी के आवास के बाहर मिली दो कारों के ड्राइवर पुलिस बल में काम कर रहे हैं। टीवी 9 मराठी के सूत्रों के अनुसार, इनोवा और स्कॉर्पियो दोनों के ड्राइवर पुलिस फोर्स में काम कर रहे हैं और दागी पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के संपर्क में थे।

मामले में एक और खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि वाजे की सोसाइटी का जो सीसीटीवी फुटेज गायब हुआ था, वो किसी और ने नहीं बल्कि दागी पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने ही गायब किया था। टीवी 9 मराठी की रिपोर्ट के अनुसार कथित तौर पर वाजे ने यह कहते हुए अपनी सोसाइटी का सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिया कि पुलिस द्वारा आधिकारिक उपयोग के लिए DVR की आवश्यकता है। बाद में फुटेज को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि वाजे ने कथित तौर पर वीडियो फुटेज जब्त कर ली थी ताकि पूछताछ के दौरान कोई सबूत न मिले।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि वाजे ने वीडियो फुटेज प्राप्त करने के लिए अपने दोस्त के नाम पर सोसाइटी को एक पत्र लिखा था। पत्र फिलहाल एनआईए के कब्जे में है। सूत्रों ने कहा कि पत्र में अंबानी मामले की जाँच के लिए फुटेज की जरूरत थी और वाजे ने हस्ताक्षर किए थे।

एनआईए द्वारा शुरुआती जाँच में, यह कथित तौर पर पाया गया है कि वाजे ने सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज को नष्ट करने की कोशिश की थी। यह भी पता चला है कि वाजे ने न सिर्फ सीसीटीवी फुटेज को बल्कि सीसीटीवी कैमरों के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर को भी नष्ट करने की कोशिश की। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई डीवीआर जो वाजे के कब्जे में थे, क्षतिग्रस्त हालत में पाए गए हैं।

गौरतलब है कि एंटीलिया केस की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा गिरफ्तार किए गए पुलिस अफसर सचिन वाजे को सस्पेंड कर दिया गया है। मुंबई पुलिस ने सोमवार (मार्च 15, 2021) को वाजे को सस्पेंड कर दिया। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस के आदेश से सचिन वाजे का निलंबन हुआ है। फिलहाल सचिन वाजे 25 मार्च तक एनआईए की हिरासत में है। उस पर एंटीलिया केस का सूत्रधार होने के आरोप हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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